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थानेदार की नासमझी से खरवई गांव में धार्मिक संघर्ष के हालात

प्रतापगढ़ के मान्धाता पुलिस की नासमझी और लापरवाही ने खरवई गांव में धार्मिक संघर्ष के हालात पैदा कर दिए हैं। आम तोड़ने से शुरू हुए विवाद ने गांव के दो धर्मों के लोगों को आमने-सामने खड़ा कर दिया है। आरोप है कि पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई कर माहौल को भड़काने का काम किया है। पीड़ित पक्ष ने पिछले दो दिनों में स्थानीय सांसद संगम लाल गुप्ता और रानीगंज विधायक धीरज ओझा के पास भी मदद की गुहार लेकर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस की अनदेखी से हौसला पाकर मजबूत हुए पक्ष ने दूसरे पक्ष के लोगों को सरेराह बुरी तरह पीट दिया। प्रकरण से गुस्साए लोग मान्धाता थाना परिसर में घंटों जुटे रहे। पुलिस ग्रामीणों को धमकाते हुए वीडियो बनाकर दबाव बनाती रही कि वह शिकायत के साथ बैरंग लौट जाएं। रात 9.30 बजे तक ग्रामीण थाने में ही जुटे रहे और पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने में आना-कानी करती रही।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मान्धाता थाना क्षेत्र की देल्हूपुर चौकी का सबसे बड़ा गांव खरवई दो हिस्सों में बंटा है। छोटी और बड़ी खरवईं को रेलवे लाइन विभाजित करती है। आरोप है कि शनिवार की शाम जितेंद्र सिंह की बाग में रेलवे लाइन पार कर कुछ लड़के आम तोड़ने गए थे। इसे लेकर दोनों पक्षों के लड़कों में कहासुनी हुई। हाथापाई भी हुई।

बताते हैं कि देर शाम रेलवे लाइन पार कर छोटी खरवई से करीब 70-80 लोगों की भीड़ लाठी, डंडों और ईंट-पत्थरों के साथ बड़ी खरवई में चढ़ गए। क्षत्रिय आबादी में घुसे दूसरे पक्ष के लोगों ने कुछ घरों के दरवाजों और खिड़कियों पर लाठी-डंडे भी चलाए। इसके बाद मचे शोर से जुटी भीड़ ने हमलावरों को घेर लिया। घिरने पर हमलावर भागने लगे। ग्रामीणों ने दौड़ाकर कुछ लोगों को पकड़ा। मारपीट में दो-तीन युवकों को चोटें भी आईं। इसमें कुछ अस्पताल में भी भर्ती हैं।

हमलावरों की तहरीर के आधार पर स्थानीय पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। दूसरे पक्ष के लोगों ने समूह बनाकर गांव पर हमला करने वालों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की मांग की लेकिन दारोगा ने उन्हें डांट-डपट कर लौटा दिया।

पुलिस की इकतरफा कार्रवाई से डरे ग्रामीणों ने सांसद आवास पहुंचकर स्थिति से अवगत कराया। कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर रविवार को लोग विधायक धीरज ओझा के आवास पर भी पहुंचे। आरोप है कि शेखनपुर गांव के पास समूह में गए लोग आगे-पीछे हो गए। इसी बीच मौका पाकर दूसरे पक्ष ने घेरकर हमला कर दिया। इस घटना में पूर्व प्रधान लवकेश सिंह और टोनी सिंह को चोटें आईं। चोट खाए लोगों का आरोप है कि रविवार को पूर्व जिला पंचायत सदस्य जलील अहमद ने भीड़ लेकर हमला किया है। देर रात तक थाना घेरकर बैठे लोगों का कहना है कि पुलिस ने पहले ही दिन दोनों पक्षों की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की होती तो धार्मिक आधार पर गोलबंदी की नौबत न आती।

फिलहाल, शिकायत होने के बाद मौके पर पहुंचे सीओ ने चोटिल युवकों को मेडिकल के लिए अस्पताल भेजा है। साथ ही प्रतापगढ़ पुलिस ने ट्वीटर पर कहा है कि मान्धाता थाना पुलिस द्वारा उभयपक्षों से प्राप्त तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर विवेचनात्म और विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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Ranvijay Singh

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