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गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास जल्द, 89 फीसदी भूमि का अधिग्रहण पूरा

मेरठ से प्रयागराज के बीच प्रस्तावित 6 लेन के ग्रीन फील्ड गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास अगस्त में हो सकता है। कार्य शुरू करने के लिए जरूरी 80 फीसदी से अधिक जमीन का अधिग्रहण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) ने पूरा कर लिया है। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया गया कि 89 फीसदी जमीन अधिग्रहीत कर ली गई है।

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण पीछे हुए जमीन अधिग्रहण के लिए रूट में पड़ने वाले जिलों के अफसरों ने पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक के दौरान कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का कार्य पूर्णता की ओर है। गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 89 फीसदी से अधिक भूमि क्रय कर ली गई है। इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के अवशेष कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी व एसीएस गृह अवनीश अवस्थी ने फौरन जमीन अधिग्रहण की समीक्षा बैठक कर जिलों के अफसरों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रूबरू हुए। बताया गया कि ज्यादातर जिलों में जमीन अधिग्रहण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। किसानों से संपर्क साध कर उन्हें मुआवजा की राशि देकर जमीन की रजिस्ट्री कराई जा रही है।

इन जिलों से है बनना

गंगा एक्सप्रेस-वे के पहले चरण की कुल लंबाई करीब 594 किलोमीटर है। मेरठ में राष्ट्रीय राजमार्ग-334 से इसका निर्माण शुरू होकर प्रयागराज में सोरांव तहसील के निकट बाईपास तक किया जाएगा। इसका निर्माण मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में होगा।

8 लेन का बनेगा स्ट्रक्चर, 120 मीटर चौड़ाई

एक्सप्रेस-वे को वर्तमान में 6 लेन का बनाया जाएगा लेकिन इसे 8 लेन चौड़े एक्सप्रेस-वे के रूप में डिजाइन किया गया है। यूपीडा ने कहा है कि सभी स्ट्रक्चर 8 लेन की सड़क के अनुसार बनाए जाएंगे। एक्सप्रेस-वे की कुल चौड़ाई 120 मीटर रहेगी। पूरी तर कंट्रोल्ड ट्रैफिक होने के कारण एक्सप्रेस-वे के किनारे-किनारे 3.75 मीटर चौड़ी सर्विस लेन भी निर्मित की जाएगी, जिससे एक्सप्रेस-वे के किनारे रहने वाली आबादी को आवागमन में असुविधा न हो।

दूसरा चरण भी आएगा

गंगा एक्सप्रेस-वे का दूसरा चरण भी प्रस्तावित है। इसमें प्रयागराज से बलिया तक और मेरठ से उत्तराखंड बार्डर तक एक्सप्रेस-वे को बढ़ाया जाएगा। यह लंबाई 314 किलोमीटर की अनुमानित है। इसके साथ ही मेरठ से उत्तराखंड के टिगरी बार्डर तक 110 किलोमीटर लंबाई तक इसे बढ़ाने की योजना है। मेरठ में यह एक्सप्रेस-वे मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे से जुड़ जाएगा। पूरा एक्सप्रेस-वे तैयार होने के बाद बलिया बार्डर से बिहार के लोग भी इसका इस्तेमाल कर तेजी से यूपी के सभी हिस्सों के साथ उत्तराखंड बार्डर तक आसानी से पहुंच सकेंगे।

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Ranvijay Singh

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