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पीएम ने गुजरात में कई परियोजनाओं का उद्घाटन और कई परियोजनाएं राष्ट्र को की समर्पित

  • भारत की 21वीं सदी की जरूरतें 20वीं सदी के तरीकों से पूरी नहीं की जा सकतीं: प्रधानमंत्री
  • साइंस सिटी में मनोरंजक गतिविधियाँ हैं, जो बच्चों में रचनात्मकता को प्रोत्साहित करेंगी: प्रधानमंत्री
  • हमने रेलवे को न केवल सेवा प्रदाता के रूप में बल्कि, एक परिसंपत्ति के रूप में भी विकसित किया है: प्रधानमंत्री

प्रयागराज: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से गुजरात में रेलवे की कई प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन किया और कई अन्य परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने गुजरात साइंस सिटी में एक्वेटिक्स व रोबोटिक्स गैलरी और नेचर पार्क का भी उद्घाटन किया। उन्होंने दो नई ट्रेनों – गांधीनगर कैपिटल वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस तथा गांधीनगर कैपिटल और वरेथा के बीच मेमू सर्विस ट्रेन को भी झंडी दिखाकर रवाना किया।
लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश का लक्ष्य न सिर्फ एक ठोस ढांचा तैयार करना है, बल्कि ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है जिसका अपना चरित्र हो। उन्होंने कहा कि बच्चों के प्राकृतिक विकास के लिए उनके मनोरंजन के साथ उनकी शिक्षा और रचनात्मकता को भी जगह मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि साइंस सिटी एक ऐसी परियोजना है, जो मनोरंजन और रचनात्मकता का संयोजन है। इसमें मनोरंजन की ऐसी गतिविधियां हैं जो बच्चों में रचनात्मकता को प्रोत्साहन देती हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साइंस सिटी में बनी एक्वेटिक्स गैलरी और भी मनोरंजक होने वाली है। यह न केवल देश में बल्कि एशिया में भी सबसे बड़ी एक्वैरियम में से एक है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर की समुद्री जैव विविधता का एक ही स्थान पर नजारा अपने आप में एक अद्भुत अनुभव है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि रोबोटिक्स गैलरी में रोबोट के साथ बातचीत न केवल आकर्षण का केंद्र है बल्कि हमारे युवाओं को रोबोटिक्स के क्षेत्र में काम करने के लिए प्रेरित भी करेगी और उनके मन में जिज्ञासा उत्पन्न करेगी।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत की 21वीं सदी की जरूरतों को 20वीं सदी के तौर-तरीकों से पूरा नहीं किया जा सकता है। इसलिए रेलवे में नए सिरे से सुधार की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि आज रेलवे को सिर्फ एक सेवा के रूप में नहीं बल्कि एक संपत्ति के रूप में विकसित करने के प्रयासों के परिणाम दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज देश भर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। यहां तक कि टियर 2 और टियर 3 शहरों के रेलवे स्टेशन भी अब वाई-फाई सुविधाओं से लैस हैं। लोगों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ब्रॉड गेज पर मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने भारत जैसे विशाल देश में रेलवे द्वारा निभाई गई अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे विकास और सुविधाओं के नए आयाम लेकर आता है। बीते कुछ साल के दौरान किए गए प्रयासों के कारण, आज ट्रेनें पहली बार पूर्वोत्तर की राजधानियों में पहुंच रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, “आज वडनगर भी इस विस्तार का अंग बन गया है। वडनगर स्टेशन के साथ मेरी कई यादें जुड़ी हुई हैं। नया स्टेशन वास्तव में काफी आकर्षक दिखता है। इस नई ब्रॉड गेज लाइन के निर्माण के साथ, वडनगर-मोढेरा-पाटन हेरिटेज सर्किट बेहतर रेल सेवा से जुड़ गया है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि नए भारत के विकास का वाहन एक साथ दो पटरियों पर चलकर ही आगे बढ़ेगा। एक पटरी आधुनिकता की है, दूसरी गरीब, किसानों और मध्यम वर्ग के कल्याण की है।