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‘अहंकार में चूर’ हैं बलिया DIOS, भाजपा सांसद ने मंत्री को लिखा- अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा है, हटाइये

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तमाम हिदायतों के बाद भी जिलों में तैनात अफसर मनमानी पर उतारू हैं। अफसर जनता क्या? भारतीय जनता पार्टी के नेताओं, विधायकों और सांसदों तक की बात नहीं सुन रहे हैं। ऐसा ही एक नया मामला विवादों से भरे बलिया के जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर बृजेश मिश्रा का सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी की सांसद प्रोफ़ेसर रीता बहुगुणा जोशी ने उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा को पत्र लिखकर कहा है कि जिला विद्यालय निरीक्षक बलिया अहंकार में चूर हैं। सांसदों का फोन उठाने की भी आवश्यकता नहीं समझते हैं। यह अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा है। उन्हें तत्काल स्थानांतरित किया जाए।

इलाहाबाद से सांसद प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी ने उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा और माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ल को संबोधित दो पत्र लिखे हैं। पहला पत्र 14 मार्च 2021 और दूसरा पिछले सप्ताह का है। जिला विद्यालय निरीक्षक की सेटिंग का आलम या है कि डॉ रीता जोशी के पहले पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद उन्हें दोबारा उप मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र लिखना पड़ा है।

इस पत्र में डॉक्टर जोशी ने लिखा है, “मुझे बड़े खेद से कहना पड़ रहा है कि जिला विद्यालय निरीक्षक बलिया ऐसे अहंकार में चूर हैं कि सांसदों का फोन उठाने की आवश्यकता नहीं समझते। मैंने पिछले 15 दिनों में उन्हें एक अहम मामले में लगातार कई बार फोन लगवाया परंतु कोई जवाब नहीं आया। मैंने स्वयं अपने नाम से संदेश (एसएमएस) भेजें परंतु जिला विद्यालय निरीक्षक बलिया की ओर से कोई उत्तर नहीं मिला।अनुशासनहीनता की यह पराकाष्ठा है।”

डॉ जोशी ने आगे लिखा है, “यदि उनके पास सांसद का फोन उठाने का समय नहीं है तो फिर सामान्य नागरिकों के प्रति उनके व्यवहार के बारे में आप कल्पना कर सकते हैं। इस मामले में मैं चाहूंगी कि उन्हें कारण बताओ नोटिस देते हुए तत्काल स्थानांतरित कर दिया जाए।”

डॉक्टर बृजेश मिश्रा के खिलाफ सत्ताधारी दल के किसी सांसद का यह पहला पत्र नहीं है। समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान तत्कालीन सांसद शैलेंद्र कुमार ने भी तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को एक पत्र लिखकर बृजेश मिश्रा पर प्रयागराज में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पद पर तैनाती के दौरान किए गए कई भ्रष्टाचार के मामलों को उठाया था। हालांकि, कार्रवाई इसके बाद भी बड़ी मुश्किल से हो सकी थी, वह भी केवल स्थानांतरण के रूप में।

तत्कालीन सांसद शैलेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रयागराज के पद पर रहते हुए ही डॉक्टर बृजेश मिश्रा ने अपनी पत्नी अन्विता ईश्वर को नूरजहां जूनियर बालिका विद्यालय बहादुरगंज, इलाहाबाद में सहायक अध्यापक ग्रेड-पे 4600 के पद पर नियुक्त करा दिया था। सांसद का कहना था कि कोई भी नियोक्ता अपने सगे संबंधियों की नियुक्ति नहीं करा सकता। यह विधि विरुद्ध है। यह कारगुजारी पकड़ में ना आए, इसलिए बृजेश मिश्रा ने पत्नी अन्विता ईश्वर का पता फूलपुर विकास खंड में अध्यापक और सह-समन्वयक रहे प्रभाशंकर त्रिपाठी के निवास 696/545 केएल एफ5- द्वितीय तल कीडगंज, बैंक ऑफ बड़ौदा दिखा दिया था, जबकि वह एलनग॔ज स्थित बीएसए आवास में उनके साथ ही रहती थीं। पूर्व सांसद शैलेंद्र कुमार द्वारा की गई शिकायतों का पिटारा भारी है लेकिन कार्रवाई अब तक नहीं हुई।

शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक बलिया डीआईओएस डॉक्टर बृजेश मिश्रा पर श्री अमरनाथ संस्कृत उत्तर माध्यमिक विद्यालय खेजूरी बलिया में तीन करोड़ रुपए की हेराफेरी के आरोपियों की मदद करने का आरोप लगा है। आरोप है कि बिना विभागीय अनुमन्यता के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन खाते की धनराशि से तीन करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि को अवशेष भुगतान किए जाने में तत्कालीन डीआईओएस बलिया भास्कर मिश्रा, वित्त एवं लेखा अधिकारी माध्यमिक शिव कुमार दुबे, डीआईओएस कार्यालय बलिया के लेखाकार महातम राम और विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य, शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश हो चुके हैं। इसके बाद भी जिला विद्यालय निरीक्षक उन्हें बचा रहे हैं।

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Ranvijay Singh

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