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आईपी आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली से जुड़े 813 बड़े रेलवे स्टेशन

47 और स्टेशनों पर वीएसएस उपलब्ध कराने के कार्य शीघ्र ही पूरे कर लिए जाने वाले हैंजोनल मुख्यालय तक होने लगी है केंद्रीकृत निगरानी।

भारतीय रेलवे और उसके सार्वजनिक उपक्रम रेलटेल ने देशभर के 813 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आईपी आधारित सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए हैं।  47 और स्टेशनों पर कार्य चल रहा है और शीघ्र ही इसे पूरा कर लिया जाएगा। यात्रियों, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की संरक्षा और सुरक्षा में इससे बढ़ोत्तरी होगी। भारतीय रेलवे और रेलटेल द्वारा मार्च, 2022 तक 756 स्टेशनों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 

वरिष्ठ प्रबंधक जनसंपर्क सुचरिता प्रधान के मुताबिक यह परियोजना सभी ए1, ए, बी, सी, डी और ई श्रेणी के रेलवे स्टेशनों और प्रीमियम ट्रेनों और उपनगरीय ईएमयू के कोचों को कॅवर करने वाली है जिसमें से करीब 5000 स्टेशनो में रेलटेल CCTV लगाएगा। स्टेशनों पे CCTV लगाने हेतु भारतीय रेलवे ने 25 जून 2020 को रेलटेल के साथ एक MoU किया था। घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को दूर करने, सीईआरटी-इन पैनलबद्ध सरकारी एजेंसियों द्वारा संपूर्ण प्रणाली की लेखापरीक्षा के साथ भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों की भागीदारी को रोकने के लिए भारतीय रेलवे द्वारा व्यापक आधार, मजबूत संशोधित विनिर्देश जारी किए गए थे। इसके आधार पर ही रेलटेल ने मई 2021 में 456 स्टेशनों पर सीसीटीवी के लिए 4 टेंडर जारी किए हैं।

इन सीसीटीवी को ऑप्टिकल फाइबर केबल पर नेटवर्क किया जा रहा है और सीसीटीवी कैमरों की वीडियो फीड न केवल स्थानीय आरपीएफ चौकियों पर बल्कि मंडल और जोनल स्तर पर एक केंद्रीकृत सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष में भी प्रदर्शित की जा रही है।

रेलवे परिसरों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरों और वीडियो फीड की निगरानी 3 स्तरों पर की जा रही है। रेलटेल ने 14 जोनल रेलवे पर केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष की स्थापना का कार्य पूरा कर लिया है और शेष जोनों के कार्य प्रगति पर हैं। ये केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष संबंधित जोनों के स्टेशनों पर रेलटेल द्वारा स्थापित सीसीटीवी से वीडियो फीड प्रदर्शित कर रहे हैं। कैमरे, सर्वर, यूपीएस और स्विचों की निगरानी के लिए नेटवर्क प्रबंधन प्रणाली -NMS- भी उपलब्ध करायी गई है, जिसे अधिकृत कार्मिक द्वारा किसी भी वेब ब्राउज़र से देखा जा सकता है।

रेलवे परिसर के अंदर अधिकतम कॅवरेज सुनिश्चित करने के लिए 4 प्रकार के आईपी कैमरे- डोम टाइप, बुलेट टाइप, पैन टिल्ट जूम टाइप और अल्ट्रHD-4k- स्थापित किया जा रहा है।  इससे सुरक्षा में सुधार के लिए आरपीएफ अधिकारियों को अतिरिक्त सहयोग मिलेगा। सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त होने वाली वीडियो फीड की रिकॉर्डिंग 30 दिनों के लिए स्टोर की जाएगी। 

कोविड 19 महामारी लॉकडाउन, सामग्री की आपूर्ति में कमी और आवाजाही पर प्रतिबंध के कारण निष्पादन में कुछ देरी हुई। हालांकि, स्थिति सामान्य होने के साथ वर्तमान में परियोजना पर होन वाले कार्यों ने फिर जोर पकड़ लिया है।

क्या है रेलटेल

रेलटेल एक “मिनी रत्न (श्रेणी-I)” केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है, जो देश के सबसे बड़े तटस्थ दूरसंचार अवसंरचना प्रदाताओं में से एक है, जिसके पास देश के कई कस्बों एवं शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को कॅवर करने वाला अखिल भारतीय ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क है। ऑप्टिक फाइबर के 59500 से अधिक मार्ग किलोमीटर के एक मजबूत नेटवर्क के साथ रेलटेल के पास दो टियर III डेटा सेंटर भी हैं। रेलटेल विभिन्न फ्रंटों पर एक नॉलेज़ सोसाइटी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। इसे दूरसंचार क्षेत्र में भारत सरकार की विभिन्न मिशन-मोड परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए चुना गया है। रेलटेल एमपीएलएस-वीपीएन, टेलीप्रेजेंस, लीज्ड लाइल, टॉवर को-लोकेशन, डाटा सेंटर सेवाएं आदि जैसी सेवाओं का एक समूह उपलब्ध कराती है। रेलटेल देश भर के रेलवे स्टेशनों पर सार्वजनिक वाई-फाई उपलब्ध कराकर रेलवे स्टेशनों का डिजिटल हब में बदलने के लिए भारतीय रेलवे के साथ भी कार्य कर रही है।

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Ranvijay Singh

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