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NCR : पहली तिमाही की खूब कमाई, लदान और ढुलाई में बढ़ोत्तरी

उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक वीके त्रिपाठी ने सोमवार को चालू वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही के दौरान की उपलब्धियों को साझा किया। साथ ही महाप्रबंधक ने उन परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण अपने प्रियजनों को खो दिया है।

महाप्रबंधक ने कहा कि उत्तर मध्य रेलवे प्रधानमंत्री के “जान भी, जहान भी” के मूल मंत्र के अनुरूप कार्य करते हुए देश की अर्थव्यवस्था के विकास में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने और यात्रियों की संतुष्टि के लिए सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तर मध्य रेलवे के माल लदान प्रदर्शन के बारे में बोलते हुए श्री त्रिपाठी ने कहा कि इस वर्ष उत्तर मध्य रेलवे ने किसी भी वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में अब तक की सबसे अच्छी लोडिंग हासिल की है। अप्रैल-जून 2021-22 के दौरान पिछले वर्ष की इसी अवधि में 3.24 मीट्रिक टन की तुलना में प्रारंभिक लोडिंग में 33.3% की वृद्धि के साथ 4.32 मीट्रिक टन रही है। पिछले वर्ष में रु 352.33 करोड़ की तुलना में, अप्रैल-जून 2021-22 के दौरान मूल माल लदान आय रु 437.57 करोड़ रुपये रही और इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 24.19% की वृद्धि हुई है। कंटेनरों, सीमेंट, पीओएल और फ्लाई ऐश आदि की लोडिंग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

इस वर्ष शुरु किया गया एक महत्वपूर्ण नया यातायात फ्लाई ऐश लोडिंग का है। जून 2021 के महीने में फ्लाई-ऐश के 13 रेक लदान किए गए हैं जो अब तक की सबसे अच्छी फ्लाई-ऐश लोडिंग है। न्यू भाऊपुर और न्यू खुर्जा के बीच डीएफसी खंड काम कर रहा है और इस पर तेजी से यातायात बढ़ रहा है। ज्ञात हो कि 01/07/21 को, मालगाड़ियों का अब तक का सबसे अच्छा एक दिन का इंटरचेंज हासिल करते हुए सेक्शन में 44 ट्रेनें इंटरचेंज की गईं।

चूंकि कोविड में मॉडरेशन के साथ अनलॉकिंग प्रक्रिया जारी है, यात्रियों की आवाजाही बढ़ रही है और तदनुसार कोचिंग सेवाओं को धीरे-धीरे फिर से शुरू किया जा रहा है। इस बारे में चर्चा करते हुए श्री त्रिपाठी ने कहा, “हम रेलवे बोर्ड के साथ सतत संपर्क स्थापित कर धीरे-धीरे ट्रेन सेवाएं बहाल कर रहे हैं। लगभग 86% मेल एक्सप्रेस ट्रेनों को फिर से शुरू कर दिया गया है और अनारक्षित यात्री ट्रेनों को भी अब धीरे-धीरे फिर से शुरू किया जा रहा है। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे के स्वामित्व वाली 06 जोड़ी हॉलिडे/समर स्पेशल (82 ट्रिप) भी चल रही हैं। साथ ही इस वर्ष, जोन ने वित्तीय वर्ष 2021-2022 की पहली तिमाही में मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों (93.12%) का अब तक का सर्वश्रेष्ठ समयपालन प्रदर्शन हासिल किया है।

मार्च 2023 तक एनसीआर के सभी मार्ग हो जाएंगे विद्युतीकृत

महाप्रबंधक ने बताया कि भारतीय रेलवे के 100% विद्युतीकरण के मिशन के अनुसरण में, उत्तर मध्य रेलवे अपने पूरे क्षेत्र के विद्युतीकरण के लिए तीव्र गति से प्रयास कर रहा है। वित्तीय वर्ष में 2021-22, कुल 517 रूट किलोमीटर (आरकेएम) और 917 ट्रैक किलोमीटर (टीकेएम) मार्गों को उत्तर मध्य रेलवे में विद्युतीकरण के लिए लक्षित किया गया है और वित्त वर्ष 2022-23 के अंत तक, उत्तर मध्य रेलवे लगभग 8700 टीकेएम विद्युतीकरण के साथ पूरी तरह से विद्युतीकृत हो जाएगा। इसके लिए आवश्यक रूटों हेतु रेलवे बोर्ड द्वारा पहले ही विभिन्न कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है।

उन्होंने आगे कहा कि कुल 09 जोड़ी ट्रेनें जो डीजल ट्रैक्शन पर चल रही थीं, उन्हे अब 2021-22 की पहली तिमाही में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर शिफ्ट कर दिया गया है। इस वित्त वर्ष में 75 आरयूबी चालू करने का लक्ष्य है, जिसमें से 04 इस तिमाही में पहले ही चालू हो चुके हैं। मानसून के बाद काम में तेजी आएगी।

सौर मिशन उत्तर मध्य रेलवे

श्री त्रिपाठी ने उत्तर मध्य रेलवे की हरित ऊर्जा पहल के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि सौर मिशन पर राष्ट्रीय पहल के अनुरूप, उत्तर मध्य रेलवे ने सौर ऊर्जा उत्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और 2021-22 के लिए ‘सौर मिशन-उत्तर मध्य रेलवे’ को अपनाया है। जून 2021 तक, उत्तर मध्य रेलवे में विभिन्न स्थानों पर 11 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्रों को चालू किया गया है। संयंत्र-सह-इन्वर्टर वार, दैनिक आधार पर, 2021-22 की पहली तिमाही के दौरान लगभग 37 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया गया है, जो कि पिछले वर्ष से 5 लाख यूनिट अधिक है। पिछले वर्ष 2020-21 की समान अवधि के दौरान उत्पन्न 32 लाख यूनिट की तुलना में यह 15.6% अधिक है।

स्क्रैप के निस्तारण के संबंध में महाप्रबंधक ने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे ने. इस वर्ष की पहली तिमाही में रु 46.55 करोड़ की स्क्रैप सेल की है जो पिछले साल की पहली तिमाही की 8.92 करोड़ रुपये की बिक्री से 421% अधिक है ।

श्री त्रिपाठी ने उत्तर मध्य रेलवे की कोविड तैयारियों के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय अस्पताल/प्रयागराज, झांसी और आगरा मंडल में क्रमश: 100 बेड, 100 बेड और 15 बेड वाले कोविड सेंटर हैं। इसके अलावा उत्तर मध्य रेलवे इन अस्पतालों में ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट लगाने की भी प्रक्रिया में है। उन्होंने यह भी बताया कि सिविल प्रशासन के समन्वय से रेलवे अस्पतालों में कोविड-19 का टीकाकरण किया जा रहा है और अब तक इन अस्पतालों में 116,126 खुराकें दी जा चुकी हैं। रेलवे अस्पताल और स्वास्थ्य इकाइयाँ न केवल रेलवे कर्मचारियों बल्कि गैर रेलवे साथी देशवासियों के लिए भी टीकाकरण की सुविधा प्रदान कर रही हैं और अब तक जोन में रेलवे अस्पतालों ने गैर रेलवे जन को टीके की 48000 से अधिक खुराक दी है।

अंत में, महाप्रबंधक ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया के योगदान के लिए धन्यवाद दिया और आगामी टोक्यो ओलंपिक के लिए भारतीय दल को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

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Ranvijay Singh

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