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पान दुकानों नहीं बिकेगा पानी और कोल्डड्रिंक, विरोध का निर्णय

प्रयागराज। पान सामग्री विक्रेता संघ तथा इलाहाबाद डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन की एक संयुक्त बैठक कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल की अध्यक्षता में थॉर्नहिल रोड पर ‘सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम 2003 (COTPA) के प्रावधानों को लेकर हुई।

आज उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 (उत्तर प्रदेश अधिनियम-2, सन 1950) की धारा 437, धारा 438 की उपधारा (1) के खंड (घ), धारा 452, धारा 541 के खण्ड (20), (41) और (49) में प्रदत्त शक्तियों के अंतर्गत ‘सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम 2003 (COTPA)’ के प्रावधानों को लागू होने के संबंध में 8 जून 2021 को जारी शासन पत्र उत्तर प्रदेश शासनादेश संख्या 1080/नौ-21-121ज/20 दिनांक 08/06/2021 को लेकर हुई जिस पर विस्तार से बताते हुए प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने कहा कि इसे देश की सभी 17 नगर निगमों को 31 जुलाई तक अपने सदन से पारित कर लागू करना है। यदि यह प्रावधान लागू हो जाते हैं तो कोई भी पान का दुकानदार तंबाकू उत्पाद के अलावा अन्य कोई सामग्री नहीं बेच सकेगा।

महेंद्र गोयल ने कहा कि आज हर पान की दुकान पर पान सिगरेट के अलावा पानी, कोल्ड ड्रिंक सहित रोजमर्रा की जरूरत के सामान भी बेचे जाते हैं। आज जब किसी व्यक्ति को रोजगार नहीं उपलब्ध होता तो वह अपनी छोटी सी बचत से ही पान की दुकान खोल कर अपने परिवार का जीवकोपार्जन करता है । केवल पान की ही दुकान ही नहीं बल्कि जनरल स्टोर वाले भी तंबाकू के समान नहीं बेच सकेंगे। हर दुकानदार को नगर निगम से इसके लिए लाइसेंस बनवाना होगा ।

पान सामग्री विक्रेता संघ के अध्यक्ष संदीप जायसवाल ने कहा शहर के अंदर 1000 से अधिक छोटी-बड़ी पान की दुकानें हैं। इतना ही नहीं कई सौ ऐसे भी फेरी लगाने वाले हैं जिनकी रोजी-रोटी इसी पर निर्भर है सरकार के इस कदम से हजारों लोगों के समक्ष भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी । पान सामग्री बेचने वाले 60 प्रतिशत से अधिक दुकानदार अनपढ़ होते हैं और उनके समक्ष दो ही विकल्प होते हैं या तो वह मजदूरी करें अथवा कोई छोटा रोजगार और सम्मान से जीने के लिए वे पान की दुकान लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं।

इलाहाबाद डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के महामंत्री अशोक अग्रवाल ने कहा एक पान का दुकानदार केवल पान बीड़ी सिगरेट या उससे संबंधित उत्पाद ही नहीं बेचता है बल्कि 65% कोल्ड ड्रिंक की सेल 60% बोतलबंद पानी और टॉफियां और ₹5 के नमकीन की 50% सेल इन्हीं दुकानों से होती हैं ।

सभी व्यापारियों की राय थी कि जब अन्य प्रकार की दुकानों के लिए नगर निगम के लाइसेंस नहीं है तो फिर तंबाकू की यही क्यों? व्यापारियों का कहना था कि लाइसेंस बनवाने और कानून के प्रावधानों का पालन करने में चूक होने पर अधिकारी और पुलिसिया उत्पीड़न का शिकार होना पड़ेगा, जिससे भ्रष्टाचार बेरोजगारी और स्पेक्टर राज की पुनः वापसी होगी जो वर्तमान सरकार की मंशा के पूर्णतया विरुद्ध है ।

मौजूद सभी व्यापारियों की राय थी कि इसका हमें पुरजोर विरोध करना चाहिए। सरकार इसे तुरंत वापस ले।

सर्वसम्मति से यह तय हुआ कि इस संबंध में वर्तमान एवं पूर्व सांसद, विधायक के साथ-साथ मेयर एवं नगर आयुक्त को ज्ञापन दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ी तो 1 दिन की हड़ताल भी की जाएगी।

बैठक में कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की ओर से महेंद्र गोयल विभु अग्रवाल आशीष केसरी संजीव मिश्रा मनीष शुक्ला इलाहाबाद डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन की ओर से अशोक अग्रवाल गोवर्धन गुप्ता नगेंद्र प्रताप सिंह मन्ना पान सामग्री विक्रेता संघ की तरफ से अध्यक्ष संदीप जयसवाल महामंत्री घनश्याम वैश्य, कोषाध्यक्ष राकेश रस्तोगी, दीपक जैन, हाजी मोहम्मद, राकेश चौरसिया, प्रशांत गुप्ता, दीपक केसरवानी, अनिल रस्तोगी, जय किशन चौरसिया, विजय केसरवानी, आशीष कुमार जयसवाल, राकेश केसरवानी, हर्षित अग्रवाल, मोहम्मद आलम, अभिनव वैश्य, सौरभ केसरवानी, नरेश कुमार गुप्ता आदि व्यापारी उपस्थित थे।