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डीए एलाउंस बहाली के वायरल पत्र को केंद्र सरकार ने बताया `फेक`

कोरोना महामारी के कारण केंद्रीय कर्मचारियों की पिछले डेढ़ साल से बंद महंगाई भत्ता और एरियर को लेकर शनिवार को निर्णय होने की संभावना थी। देर शाम इसे लेकर वित्त सचिव टीवी सोमनाथन के दस्तखत से जारी हुआ एक पत्र भी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। इसे लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के चेहरे भी खिल उठे। लेकिन थोड़ी ही देर बाद ही वित्त मंत्रालय ने इस पत्र को ही फर्जी करार दिया। वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर पत्र को टैग करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल और डीए बहाली का आदेश पूरी तरह फर्जी है। मंत्रालय ने अब तक ऐसा कोई आदेश ही जारी नहीं किया है।

दरअसल, कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान ही केंद्र सरकार ने अप्रैल 2020 में ही केंद्रीय कर्मियों की महंगाई भत्ता को रोक दिया। केंद्र सरकार ने कहा था कि जुलाई 2021 से महंगाई भत्ता दुबारा जारी किया जाएगा। शनिवार को इसे लेकर पूरे दिन तरह-तरह की चर्चाएं भी चलीं। यह पत्र भी सोशल मीडिया पर तैरने लगा।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार के निर्णय के बाद सभी राज्यों ने भी अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को रोक दिया है। इससे कर्मचारियों को भारी नुकसान हो रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार सभी खर्च कर रही है। सड़कों और रेलवे समेत अन्य आधारभूत ढांचे पर भारी रकम निवेश कर रही है। पिछले दो महीने से महंगाई भी कमर तोड़ रही है। ऐसे में महंगाई भत्ता जारी न होने से कर्मचारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई भत्ते के साथ जनवरी 2020 से रुके महंगाई भत्ते का एरियर भी दिया जाए।

फिलहाल, वित्त मंत्रालय की सफाई के बाद यह तो साफ हो गया है कि केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता देने को लेकर अब तक कोई फैसला नहीं किया है।

देर रात कांग्रेस ने ट्वीट कर महंगाई भत्ते की बहाली और जल्द अदायगी की मांग उठाई है। पार्टी के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से इसके लिए ट्वीट भी किया गया है।

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Ranvijay Singh

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