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केजरीवाल सरकार ने चार गुना ज्यादा ले ली ऑक्सीजन- भाजपा

कोरोनावायरस के दूसरे चरण के संक्रमण के दौरान दिल्ली में ऑक्सीजन को लेकर मचे हाहाकार पर भाजपा और आम आदमी पार्टी शुक्रवार को फिर आमने-सामने आ गई हैं। भाजपा ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल सरकार ने पीक टाइम पर ऑक्सीजन की चार गुना ज्यादा मांग उठाई। इसका नुकसान दूसरे राज्यों को उठाना पड़ा है। वहीं, आप सरकार ने इस आरोप को झूठा करार दिया है।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि ऑक्सीजन को लेकर जिस तरह की राजनीति अरविंद केजरीवाल सरकार ने किया, आज उसका पर्दाफाश हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने एक ऑक्सीजन ऑडिट पैनल स्थापित किया था। उस पैनल की रिपोर्ट कहती है कि दिल्ली सरकार द्वारा ऑक्सीजन की जरूरत 4 गुना बढ़ाकर दिखाई गई थी।

अरविंद केजरीवाल के इस झूठ के कारण 12 ऐसे राज्य थे जो अपने ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर प्रभावित हुए। क्योंकि सभी जगहों से ऑक्सीजन काटकर दिल्ली भेजना पड़ा। अरविंद केजरीवाल कह रहे थे उनको बहुत ऑक्सीजन की आवश्यकता है। अरविंद केजरीवाल ने ये जघन्य अपराध किया है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि दिल्ली सरकार के मुताबिक 183 अस्पतालों को 1140 MT ऑक्सिजन की जरूरत थी, जबकि इन्हीं अस्पतालों ने बताया कि उन्हें सिर्फ 209 MT की जरूरत थी। उन्होने पूछा कि जब दिल्ली में ऑक्सिजन की मांग 209 MT थी तो आपने 1140 MT की मांग क्यों की @ArvindKejriwal?

उधर, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि हमने ऑडिट कमेटी के कई सदस्यों से बात की, सबका कहना है कि उन्होंने किसी रिपोर्ट पर हस्ताक्षर ही नहीं किए हैं। मैं भाजपा नेताओं को चुनौती देता हूं कि वो रिपोर्ट लेकर आओ जिसे ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी के सदस्यों ने मंजूरी दी हो।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एक तथाकथित रिपोर्ट बताई जा रही है कि दिल्ली में जब कोरोना कापीक था तो ऑक्सीजन की कमी नहीं थी और ऑक्सीजन की मांग 4 गुना बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई थी। भाजपा के नेता जिस तथाकथित रिपोर्ट के हवाले से अरविंद केजरीवाल को गाली दे रहे हैं, ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है।

गौरतलब है कि संक्रमण के बढ़ने पर दिल्ली में ऑक्‍सीजन की भारी कमी के कारण तमाम मरीजों को जान से हाथ धोना पड़ा। दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार की काफी फजीहत हुई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को देखते हुए केंद्र सरकार ने कई राज्यों के कोटे में कटौती कर दिल्ली को उसकी मांग के अनुरूप ऑक्‍सीजन मुहैया कराई। बाद में आम आदमी पार्टी के कुछ नाता ऑक्‍सीजन की कालाबाजारी करते हुए पकड़े गए थे। इसे लेकर भी हंगामा रहा है।