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उत्तर प्रदेश न्यूज

डिप्टी सीएम केशव ने आवास पर की सीएम योगी समेत दूसरे भाजपा नेताओं की आवभगत, तमाम चर्चाएं भी

उत्तर प्रदेश केउप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने ट्विटर अकाउंट पर मंगलवार को एक ट्वीट पिन किया और उसमें तीन दूसरी तस्वीरों के साथ उपर लगी ये तस्वीर भी है। डिप्टी सीएम मौर्य ने जानकारी दी है कि उनके बेटे के विवाह के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘आशीर्वाद देने आए थे।’

उनके साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरकार्यवाह दत्ता होसबाले, सह सरकार्यवाह डॉक्टर कृष्ण गोपाल और उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा भी मौजूद थे। मौर्य के ट्वीट में पोस्ट की गई तस्वीरों में ये सभी नेता मुस्कुराते दिख रहे हैं। एक तस्वीर में डिप्टी सीएम पुत्र योगेश मौर्य -पुत्रबहू और पत्नी के साथ आवास पहुंचे सभी नेताओं के साथ भी मुस्कुराते दिख रहे हैं।

शिष्टाचार के हिसाब से यह कोई असामान्य घटना नहीं है। लेकिन लखनऊ से लेकर दिल्ली तक इन तस्वीरों ने राजनीतिक चर्चाओं से जुड़ी खबरों का उफान ला दिया है। तमाम पोर्टल, चैनल ऐसी चर्चाओं को हवा देने में जुटे हैं जैसी जून के पहले सप्ताह में हुई थी, जिसमें कहा गया था कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य दिल्ली बुलाए गए हैं। यूपी कैबिनेट और संगठन में जल्द बड़ा फेरबदल होगा। परंतु, यह कोरी अटकलें ही साबित हुईं।

फिलहाल, ये तस्वीर और योगी आदित्यनाथ का संघ के नेताओं के साथ डिप्टी सीएम के आवास पर जाना खूब चर्चा में है। दरअसल, मौर्य ने बीते दिनों एक बयान दिया था जिसे योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को चुनौती के रूप में परोसा गया था। बयान में उन्होंने कहा था, “अगले चुनाव किसके नेतृत्व में लड़े जाएंगे, इसका फ़ैसला राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा।”

इसके पहले बीजेपी में हाल में शामिल हुए पूर्व नौकरशाह एके शर्मा को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए चुनौती माना जा रहा था। लेकिन, बीते दिनों पार्टी में उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद उन्होंने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के नाम एक पत्र लिखा था और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व पर भरोसा दिखाया था।

शर्मा ने लिखा था, “आदरणीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में होने वाले साल 2022 के राज्य विधानसभा के चुनाव में भाजपा को पहले भी ज़्यादा सीटें आएंगी।”

एके शर्मा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी बताया जाता है। वो वीआरएस लेकर बीजेपी में शामिल हुए हैं और एमएलसी चुने गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी बीते हफ़्ते एटा में पत्रकारों से कहा था कि प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव ‘कठिन परिश्रम करने वाले और ईमानदार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लड़े जाएंगे।’

इन बयानों के बीच केशव मौर्य के सुर ही अलग सुनाई दे रहे थे लेकिन मंगलवार को दिखी तस्वीरों को कई जानकारों ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के बीच खाई पाटने की कोशिश बताया.

इन बयानों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बीच कथित तनाव कम होने की चर्चा उस वक़्त शुरू हुई जब पार्टी के संगठन महासचिव बीएल संतोष और उत्तर प्रदेश के प्रभारी राधा मोहन सिंह लखनऊ के दौर पर थे।

इन खबरों के बीच यह माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के पहले राज्य स्तर पर `मेल-मिलाप और सब एक हैं` दिखने की कवायद शुरू हो गई है। बताते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिछले दिल्ली दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान सबको साथ लेकर चलने की बात हुई थी। मुख्यमंत्री के दिल्ली से लौटने के साथ ही राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, राज्य़ एससी-एसटी आयोग में नियुक्तियां देकर सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण सुधारे गए। संगठन में भी नई नियुक्तियां चल रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास पर जाना भी सबको साथ लेकर चलने के अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

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Ranvijay Singh

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