Home » कोरोना की बंदिशें खुलीं तो कम हुई बेरोजगारी दर, 8.7 फीसदी तक गिरी
देश न्यूज

कोरोना की बंदिशें खुलीं तो कम हुई बेरोजगारी दर, 8.7 फीसदी तक गिरी

कोरोना महामारी की दूसरी लहर की चपेट में आए देश में प्रतिबंधों की बंदिशें धीरे-धीरे कम हो रही हैं। कई राज्यों में बाजार, सरकारी और निजी दफ्तर, फैक्ट्रियां आदि खुल चुके हैं। इसके कारण बंद हो गया कारोबार भी पटरी पर लौटने लगा है। इसका असर बेरोजगारी दर पर भी पड़ा है। 13 जून को समाप्त हुए सप्ताह में बेरोजगारी दर घटकर 8.7 फीसदी तक रह गई है, जो कि लॉकडाउन के दौरान म में 14.7 फीसदी तक पहुंच गई थी।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि पिछले हफ्तों में बेरोजगारी दर में सुधार देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतिबंधों में ढील के कारण हुआ है। शहरी बेरोजगारी दर घटकर 9.7% हुई। सीएमआईई के मुताबिक मई में मासिक बेरोजगारी दर 14.7 फीसदी थी। मौजूदा शहरी रोजगार दर मई के अंतिम सप्ताह में 17.88 प्रतिशत से 9.7 प्रतिशत और 13 जून को समाप्त सप्ताह में घटकर 8.18 प्रतिशत हो गई है। ग्रामीण बेरोजगारी दर घटकर 8.4% हुई। ग्रामीण भारत में भी बेरोजगारी दर में गिरावट देखी गई है।

जून के दूसरे सप्ताह के अंत तक यह दर मई के 10.63 फीसदी के मुकाबले 8.4 फीसदी पर आ गई है। भारत की बेरोजगारी दर 2020 में तेजी से बढ़कर 7.11 प्रतिशत हो गई थी, जो कि 2019 में 5.27 प्रतिशत थी। बेरोजगारी के आंकड़ों में मौजूदा गिरावट का रुझान रोजगार के मामले में आगे काफी अच्छा भविष्य दिखा रहा है।

बेरोजगारी दर में गिरावट –

13 जून 2021 – 8.70%

06 जून 2021 – 13.62%

30 मई 2021 – 12.15%

23 मई 2021 – 14.73%

16 मई 2021 – 14.45%

विशेषज्ञ और अर्थशास्त्रियों का कहना है कि साप्ताहिक बेरोजगारी दर में तेज गिरावट असंगठित क्षेत्र की ओर से की गई रिकवरी की वजह से है। माना जाता है कि औपचारिक क्षेत्र थोड़ा संघर्ष करना जारी रखता है, क्योंकि इसका पुनरुद्धार अर्थव्यवस्था में मांग और कारखानों में अधिकतम क्षमता उत्पादन की वापसी पर निर्भर करता है। रिकवरी के बीच मॉनसून की शुरुआत अर्थव्यवस्था के लिए रफ्तार पकड़ने वाली हो सकती है। लेकिन निकट भविष्य में एक और कोविड लहर के खतरे के साथ अनिश्चितता भारतीय आर्थिक विकास को घेरे हुए है।

इस बीच, मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारत के लिए अपने नवीनतम आकलन में कहा कि 2021 में देश की वास्तविक जीडीपी 9.6 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। यह गतिशीलता डेटा में सुधार के साथ मेल खाता है, क्योंकि कई भारतीय राज्यों ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए स्थानीय लॉकडाउन को हटा दिया। सार्वजनिक परिवहन और कार्यस्थलों पर Google की कम्युनिटी मोबिलिटी रिपोर्ट डेटा से पता चलता है कि हाल के सप्ताहों में गतिविधि के स्तर में सुधार होना शुरू हो गया है, जबकि बिजली की खपत, भारत के औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्रों में व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली मांग का पैमाना वापस आ रहा है।