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अमेठी की गिरफ्तार DPRO का कर्मचारी भले करें समर्थन, लेकिन अधिकतर जिलों में है भ्रष्टाचार

अमेठी की गिरफ्तार डीपीआरओ श्रेया मिश्रा के समर्थन में अधिकारी और कर्मचारी भले ही लामबंद होकर समर्थन कर रहे हो लेकिन सूबे के अधिकतर जिलों में डीपीआरओ आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हैं। मातहत कर्मचारियों से धन उगाही का आलम यह है कि कर्मचारियों को धमकी देकर मातहतों से वसूली कराई जाती है। पूर्व में कई ऑडियो वीडियो भी इसे लेकर वायरल हो चुके हैं।

अमेठी की डीपीआरओ श्रेया मिश्रा को गुरुवार दोपहर करीब पौने दो बजे लखनऊ से आई विजिलेंस टीम ने बाजार शुकुल के धनेशा राजपूत गांव में तैनात सफाई कर्मचारी सुशील कुमार सिंह से अपने कार्यालय में 30 हजार रुपये की घूस लेते गिरफ्तार किया था। श्रेया मिश्रा की गिरफ्तारी व उनसे लंबी पूछताछ करने के बाद टीम ने देर शाम उनके घर की तलाशी ली, जहां एक आलमारी में इमरजेंसी लिखे पैकेट में रखे 1.70 लाख रुपये बरामद किया। तलाशी पूरी होने के बाद विजिलेंस टीम ने देर रात गौरीगंज थाने में केस दर्ज कराया।

केस दर्ज कराने के बाद विजिलेंस टीम डीपीआरओ को लेकर महिला थाने गई। सुबह टीम डीपीआरओ को लेकर संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंची। यहां उनका मेडिकल कराने के बाद टीम दोबारा गौरीगंज थाने पहुंची और दर्ज कराए गए केस की सत्यापित कॉपी व अन्य जरूरी कागजात लिए। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद टीम शुक्रवार को दोपहर बाद उन्हें कोर्ट में पेश करने के लिए टाटा सूमो गाड़ी से गोरखपुर रवाना हो गई।

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Ranvijay Singh

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