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बिगड़ैल ट्वीटर पर चला सरकारी डंडा, इंटरमीडरी प्लेटफॉर्म का दर्जा खोया

नए IT नियमों का पालन नहीं करने की वजह से बिगड़ैल ट्वीटर पर केंद्रीय सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय का डंडा चल गया है। आईटी मंत्रालय के कदम से ट्विटर ने भारत में इंटरमीडरी प्लेटफॉर्म का दर्जा खो दिया है। विभिन्न उपयोगकर्ताओं से सामग्री की होस्टिंग करने वाला केवल एक प्लेटफॉर्म माना जाने की बजाय, अब ट्विटर अपने प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित पोस्ट के लिए सीधे संपादकीय रूप से जिम्मेदार होगा। इसके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है।

इस मतलब यह है कि अगर कथित गैरकानूनी सामग्री के लिए ट्विटर के खिलाफ कोई आरोप है तो इसे एक प्रकाशक के रूप में माना जाएगा, इंटरमीडरी नहीं। इससे आईटी अधिनियम साथ ही देश के दंड कानूनों सहित किसी भी कानून के तहत दंड के लिए उत्तरदायी होगा।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक ट्विटर भारत में इंटरमीडरी प्लेटफॉर्म के रूप में अपना स्टेटस खो देगा क्योंकि यह नए दिशानिर्देशों का पालन नहीं करता है। यह मेनस्ट्रीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में ऐसा अकेला प्लेटफॉर्म है जिसने नए कानूनों का पालन नहीं किया है।

बताया गया है कि ट्वीटर के साथ ही सिग्नल ने भी इंटरमीडियरीज का दर्जा खो दिया है। अब दोनों प्लेटफॉर्म सामान्य मीडिया की श्रेणी में आ जाएंगे। इसके साथ ही विदेशी निवेश की सीमा पर भी असर पड़ेगा। फरवरी में इलेक्ट्रोनिक्स और आईटी मंत्रालय ने इंटरनेट मीडिया के लिए नए नियम जारी किए थे। इसका पालन करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था। फेसबुक समेत ज्यादातर प्लेटफॉर्म ने इन नियमों को स्वीकार लिया है। ट्वीटर नए नियमों को न मानने पर अड़ा है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान सोशल मीडिया पर भारत की छवि को खराब करने के लिए अभियान छेड़ा था जिसमें गंगा किनारे दफनाए गए सब को लेकर हंगामा मचा हुआ था भारतीय जनता पार्टी के नेता डॉ संदीप पात्रा ने इस मामले में आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने टूलकिट के जरिए सोशल मीडिया पर गलत जानकारियां और तस्वीरें प्रसारित कर भारत की छवि खराब की ट्विटर ने संबित पात्रा के ट्वीट को मैन्यूपुलेटिंग कहा था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने ट्वीटर के दफ्तरों पर छापेमारी की। इसके पहले गणतंत्र दिवस के वक्त तथाकथित किसान आंदोलन के दौरान भी टूलकिट का इस्तेमाल करते हुए ट्वीटर पर अभियान चला। आईटी मंत्रालय के निर्देश के बाद भी ट्वीटर ने कुछ विवादित हैंडल को प्रतिबंधित नहीं किया है। यही नहीं आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, उपराष्ट्रपति वेंकैयानायडू समेत कई प्रतिष्ठित लोगों का ब्लू टिक हटा दिया। विवाद बढ़ा तो वापस लगाया।

यह बता देना भी जरूरी है कि पिछले दिनों की नाइजीरिया ने ट्विटर को प्रतिबंधित कर दिया था। नाइजीरिया सरकार ने आधिकारिक रूप से भारतीय माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफार्म कू पर सरकार का आधिकारिक हैंडल बनाया था। भारत में भी कई मंत्रालयों और केंद्रीय मंत्रियों ने कू प्लेटफार्म को अपना अधिकृत हैंडल बनाया है। आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी ट्विटर को संदेश देने के लिए कू प्लेटफार्म का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

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Ranvijay Singh

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