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उत्तर प्रदेश न्यूज

यूपी ः एमबीबीएस डॉक्टर की कमी तो मोर्चा संभालेंगे आयुष चिकित्सक

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वर्षा काल के पहले इंसेफलाइटिस सहित विभिन्न संक्रामक बीमारियों यथा, डेंगू, मलेरिया,  चिकनगुनिया आदि का प्रकोपों की प्रभावी रोकथाम के लिए कार्य योजना बनाकर पूरी तैयारी कर ली जाए। बरसात में होने वाली संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण के लिए व्यापक पैमाने पर स्वच्छता, सैनिटाइजेशन एवं फॉगिंग की कार्यवाही लगातार जारी रहे। साथ ही, स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी बनी रहे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शीघ्र ही उनके स्तर पर समीक्षा की जाएगी।

बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि पिछले 24 घण्टों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 524 नये मामले प्रकाश में आए हैं। इसी अवधि में 1,757 संक्रमित व्यक्तियों का सफल उपचार करके डिस्चार्ज किया गया है। प्रदेश में अब कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या सिर्फ 9,806 रह गई है। कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर भी बढ़कर 98.1 प्रतिशत हो गई है। राज्य में पिछले 24 घण्टों में 2,74,811 कोविड टेस्ट किये गये हैं। इनमें कोरोना संक्रमण की पॉजिटिविटी दर 0.2 प्रतिशत रही है। राज्य में अब तक कुल 05 करोड़, 30 लाख, 55 हजार, 495 कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं। इनमें पॉजिटिविटी दर 3.21 प्रतिशत रही है।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि उनके निर्देशानुसार कोरोना संक्रमण को नियंत्रित रखने के लिए निगरानी समितियों द्वारा स्क्रीनिंग के साथ ही, लक्षण युक्त तथा संदिग्ध संक्रमित व्यक्तियों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जा रही है। बच्चों में वायरल बुखार आदि के उपचार के लिए मेडिसिन किट तैयार की जा रही है। यह किट निगरानी समितियों को उपलब्ध करा कर 15 जून, 2021 से इसका वितरण कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर के सुदृढ़ीकरण कार्य को गुणवत्तापरक ढंग से निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। इसके लिए कार्य की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। बताया गया कि स्वास्थ्य केंद्रों के सुदृढ़ीकरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। सभी सी0एच0सी0 एवं पी0एच0सी0 पर चिकित्सकों की तैनाती की गई है। पर्याप्त संख्या में एमबीबीएस डॉक्टर उपलब्ध न होने के कारण कुछ स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यकतानुसार आयुष के चिकित्सक भी तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर्स के सुदृढ़ीकरण तथा चिकित्सकों, पैरामेडिकल एवं अन्य स्टाफ की तैनाती का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि ए0एल0एस0, ‘108’ व ‘102’ एंबुलेंस सेवाएं सुचारु एवं निर्बाध ढंग से संचालित रहें।

मुख्यमंत्री को बताया गया कि राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों तथा अस्पतालों में 150 कोविड बेड की बढ़ोत्तरी हुई है। इसमें आइसोलेशन बेड एवं आईसीयू बेड दोनों शामिल हैं। कोविड बेड की संख्या में वृद्धि के साथ ही मानव संसाधन में भी लगातार बढ़ोत्तरी की जा रही है। पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 (पीकू) तथा नियोनेटल आई0सी0यू0 (नीकू) के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। इसकी नियमित समीक्षा भी की जा रही है। प्रदेश में क्रियाशील, निर्माणाधीन एवं  अनुमन्य कुल 427 ऑक्सीजन संयंत्रों में से 80 से अधिक ऑक्सीजन संयंत्र कार्यशील हैं।

जून में 01 करोड़ से अधिक लोगों को लगेगी वैक्सीन

मुख्यमंत्री द्वारा माह जून, 2021 में एक करोड़ कोरोना वैक्सीन के डोज एडमिनिस्टर किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। वर्तमान में कोरोना वैक्सीनेशन की गति को देखते हुए इस माह में एक करोड़ से अधिक कोरोना वैक्सीन की डोज लोगों को दी जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी महीनों में कोरोना वैक्सीनेशन की गति को दो से तीन गुना बढ़ा कर प्रतिदिन 10 लाख डोज से अधिक किए जाने की जरूरत है। इसके लिए पर्याप्त संख्या में वैक्सीनेशन सेंटर की स्थापना के साथ ही, वैक्सीनेटर्स का प्रशिक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।

पैन कार्ड न होने से नहीं खुल पा रहे नए प्रधानों के बैंक खाते

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम प्रधानों द्वारा अपने दायित्वों का समुचित ढंग से निर्वहन किया जा सके, इसके लिए उनका प्रशिक्षण कराया जाए। ग्राम प्रधानों के प्रशिक्षण की विषय वस्तु इस प्रकार होनी चाहिए कि उन्हें ग्राम सभा की बैठकों के नियमित आयोजन, गांव के लिए उपयोगी प्रोजेक्ट के चयन, गांव की साफ-सफाई एवं जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने, अपने संसाधनों से ग्राम पंचायत की आय बढ़ाने आदि के संबंध में जानकारी हो सके। बताया गया कि कुछ ग्राम प्रधानों के पैन कार्ड न होने के कारण उनके बैंक खाते नहीं खुल पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम प्रधानों के बैंक खाते खुलवाए जाएं, जिससे ग्राम विकास का कार्य निर्बाध गति से संचालित कराया जा सके।

10 लाख से अधिक किसानों से 51 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि सभी गेहूं क्रय केंद्र व्यवस्थित एवं सुचारू ढंग से संचालित हैं। विगत दिवस में किसानों से 1.19 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। इस वर्ष अब तक 51 लाख मीट्रिक टन गेहूं का क्रय किया जा चुका है। अब तक 10 लाख से अधिक किसानों से गेहूं की खरीद की गई है। किसानों को नियमानुसार निर्धारित समय सीमा में उनकी उपज मूल्य का भुगतान कराया जा रहा है। कुल गेहूं खरीद के 88 प्रतिशत से अधिक मूल्य का भुगतान भी किसानों को किया जा चुका है।

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Ranvijay Singh

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