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BRO ने खोले दो नए केंद्र, रक्षा मंत्री बोले- भारत में दुनिया के 3 फीसदी वाहन और दुर्घटनाएं 13 फीसदी

सड़क सुरक्षा में उत्कृष्टता हासिल करने और सड़कों, पुलों, हवाई क्षेत्रों और सुरंगों के क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिए स्थापित दो उत्कृष्टता केन्द्रों को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को राष्ट्र को समर्पित किया। साथ ही सड़क सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत में दुनिया के सिर्फ 3 फीसदी वाहन हैं। जबकि, 13 फीसदी हादसे होते हैं। सालभर में करीब 5 लाख तक होने वाली सड़क दुर्घनाओं में 1.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है। इस दौरान रक्षा मंत्री ने उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र की स्थापना में, संगठन के महानिदेशालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ये केन्द्र देश की बेहतर सुरक्षा की दिशा में काम करेंगे और प्रधानमंत्री के ”आत्मनिर्भर भारत” के सपने को उचित प्रोत्साहन प्रदान करेंगे।

संगठन ने स्वयं के संसाधनों के माध्यम से ये दो उत्कृष्टता केन्‍द्र बनाए हैं। संगठन का मानना है कि जैसे-जैसे राष्ट्र आगे बढ़ रहा है और सड़क नेटवर्क में तेजी से वृद्धि हो रही है, सड़क दुर्घटनाएं भी चिंता का विषय बन गई हैं। बताना चाहेंगे कि अभी देश में कोई भी संस्था या संगठन अकेले सड़क सुरक्षा और जागरूकता पर ध्यान केंद्रित नहीं करता है। इस उद्देश्य के साथ, बीआरओ ने सुरक्षित सड़क नेटवर्क के लिए एक नोडल उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र की भी स्थापना की है, जो सड़क दुर्घटनाओं के विश्लेषण को दूसरों के साथ साझा करके जागरूकता पैदा करेगा और कीमती मानव जीवन की सुरक्षा के लिए महत्‍वपूर्ण सुझाव देगा।

सेंटर ऑफ एक्सिलेंस का प्रारंभ होना गर्व की बात

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि ‘सड़क सुरक्षा’, और ‘सड़कों, पुलों, सुरंगो, एयर-फील्ड्स’ की अध्ययन पर आधारित, दो-दो ‘सेंटर ऑफ एक्सिलेंस’ का प्रारंभ होना भी बड़े गर्व की बात है। यह दोनों ही सेंटर अपने उद्देश्यों में एक दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाएं आज हमारे लिए बड़ी चिंता का कारण हैं। हर व्यक्ति मानो यह मानकर चलता है, कि दुर्घटना तो दूसरों के लिए बनी है; मेरे साथ थोड़े कोई दुर्घटना होगी! और इसलिए वह उतनी सावधानी नहीं रखता है, जितनी रखनी चाहिए।

चार डिजिटल सॉफ्टवेयरों को राष्ट्र को किया समर्पित

उद्घाटन के दौरान रक्षा सचिव ने इन प्रतिष्ठानों के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि ये उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र तकनीकी प्रगति के एक नए युग की नींव को मजबूत करेंगे। समारोह के दौरान, रक्षा मंत्री ने बीआरओ कर्मयोगियों की सेवा में चार डिजिटल सॉफ्टवेयरों का उद्घाटन कर इन्हें राष्ट्र को समर्पित किया।

ये सॉफ्टवेयर संगठन की कार्य कुशलता, मानव संसाधन प्रबंधन, भर्ती प्रबंधन और उनके नामांकन और कार्य प्रबंधन प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे तथा आगे देश में ढांचागत विकास में वृद्धि करेंगे। बीआरओ ने इस तरह का सॉफ्टवेयर बनाया है जो कागजी काम को काफी कम कर देगा और इस तरह यह कार्बन फुट प्रिंट को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।

रक्षामंत्री ने की सराहना

इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने संगठन में एक गतिशील परिवर्तन की शुरुआत करने के लिए सीमा सड़क के महानिदेशक के नेतृत्व और दूरदृष्टि की सराहना की और कहा कि इससे रणनीतिक परियोजनाओं को उचित प्रोत्साहन एवं दिशा मिलेगी। रक्षामंत्री ने इस महामारी के दौरान सीमाओं के साथ संपर्क बढ़ाने के लिए बीआरओ के प्रयासों की प्रशंसा भी की।

संगठन के महानिदेशक ने कहा कि सीमा सड़क संगठन राष्ट्र की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है और संगठन की दक्षता को और अधिक तेजी से बढ़ाने के लिए वह सभी आवश्यक परिवर्तन लाएगा। सीमा सड़क संगठन के कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित इस समारोह में रक्षा स्टाफ प्रमुख जनरल बिपिन रावत, रक्षा सचिव अजय कुमार, संगठन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी उपस्थित थे।