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बंगाल में भाजपा को झटके पर झटका, अब राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय लौटे`ममता` की छांव में

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों में मिली अप्रत्याशित पराजय के बाद भारतीय जनता पार्टी के झटके खत्म नहीं हो रहे हैं। सत्ता संघर्ष में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के हाथों मिली हार के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमलों और बड़ी संख्या में हिन्दुओं के पलायन के सदमे से मिली चोट से उबरने के लिए भाजपा नई रणनीति बनाने में जुटती, इसके पहले ही शुक्रवार को उसे एक बड़े झटके का सामना करना पड़ा है। तृणमूल कांग्रेस का साथ छोड़कर भगवा झंडा उठाने वाले मुकुल रॉय ने भी भाजपा का साथ छोड़ दिया। दोपहर में मुकुल रॉय ने कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने पार्टी कार्यालय में तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। साथ ही दावा किया कि जैसा दिख रहा है, उसमें भाजपा में कोई भी नहीं रहेगा।

विधानसभा चुनाव की तैयारियों के शुरुआती दिनों में ही मुकुल रॉय ने ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया था। भारतीय जनता पार्टी ने भी उन्हें यथोचित सम्मान भी दिया और पार्टी में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का दर्जा दिया। हालांकि, पार्टी के इस फैसले से बंगाल के पुराने कार्यकर्ताओं और नेताओं में नाराजगी भी हुई। इसके बाद कार्यकर्ताओं को तरजीह मिलने की जगह भाजपा ने तृणमूल से आने वालों को तवज्जो देना शुरू किया।

बंगाल में रहने वाले भाजपा समर्थकों का दावा है कि राज्य में भाजपा की हार का एक बड़ा कारण यह भी है। कैडर वाले कार्यकर्ताओं को तवज्जो मिलने के बजाय तृणमूल से `प्लांट` होकर भाजपा में पहुंचे नेताओं को तवज्जो मिली। बंगाल में विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने वाले ऐसे विधायकों की संख्या 35 बताई जा रही है जो तृणमूल के संपर्क में बताए गए हैं। 3 विधायक चुनाव परिणाम आने के महीनेभर के अंदर ही ममता बनर्जी की पार्टी में लौट चुके हैं।

हालांकि, दावा यह भी किया जा रहा है कि राज्यपाल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी बंगाल में हस्र देखने के बाद ज्यादातर भाजपाई खौफ में हैं। सभी को डर है कि देर-सबेर वह तृणमूल कार्यकर्ताओं और समर्थकों की हिंसा का शिकार हो सकते हैं। ऐसे लोगों को तृणमूल कांग्रेस में ही सुरक्षा दिखाई दे रही है। फिलहाल, भारतीय जनता पार्टी के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वह बंगाल में दलबदल कर आए और टिकट हासिल कर विधायक बन चुके नेताओं को भगवा खेमे में रोक कर रखे।