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उत्तर प्रदेश न्यूज

यूपीः CMO, ACMO, DyCMO भी OPD में देखेंगे मरीज, सीएम ने कहा – प्रबंधन से डॉक्टरों को कार्यमुक्त करें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यालय प्रबंधन से जुड़े चिकित्सकों को तत्काल कार्यमुक्त कर फील्ड में तैनात करने और सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उनकी तैनाती व्यावहारिक ढंग करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा है कि सीएमओ, एसीएमओ तथा डिप्टी सीएमओ द्वारा भी ओपीडी0में मरीजों को देखा जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी अपने भ्रमण कार्यक्रम के दौरान किसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओ0पी0डी0 में एक-दो घंटे मरीजों को देखें। इससे स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएं और बेहतर तथा कारगर बनेंगी। अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर उपस्थित सभी चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ तथा पैरामेडिकल स्टाफ आवश्यक रूप से एप्रन तथा नेम प्लेट धारण करें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर के सुदृढ़ीकरण कार्य की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक मेडिकल उपकरण क्रियाशील अवस्था में रहने चाहिए। उपकरणों का बेहतर रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए। सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर स्टॉक रजिस्टर अनिवार्य रूप से होना चाहिए, इनमें सभी उपकरणों की इंट्री भी अवश्य हो। अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों को उपलब्ध कराए गए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स का समुचित रख-रखाव हो, जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनको इस्तेमाल में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि संबंधित अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केंद्र के स्टॉक रजिस्टर में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की इंट्री भी होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर के सुदृढ़ीकरण कार्य की नियमित समीक्षा की जा रही है। पूरे प्रदेश को 05 जोन में विभाजित कर स्वास्थ्य केंद्रों के सुदृढ़ीकरण कार्य की प्रगति की निगरानी की जा रही है। जनपद स्तर पर मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी की गई है। मुख्यमंत्री जी को यह भी अवगत कराया गया कि कोविड बेड की संख्या में निरंतर वृद्धि की जा रही है। विगत दिवस विभिन्न मेडिकल कॉलेजों तथा अस्पतालों में 70 बेड की वृद्धि हुई है। मानव संसाधन में आवश्यकतानुसार बढ़ोत्तरी के लिए भर्ती की कार्यवाही भी संचालित है। पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 (पीकू) तथा नियोनेटल आई0सी0यू0 (नीकू) स्थापना की कार्रवाई भी तेजी से संचालित है। ब्लैक फंगस के मरीजों के उपचार के लिए भारत सरकार से प्राप्त दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही उपचार से संबंधित वैकल्पिक दवाइयों की व्यवस्था भी की जा रही है।

राज्य में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध है। विगत 24 घण्टों में राज्य में 378 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई है। सभी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा रीफिलर्स के पास ऑक्सीजन पर्याप्त बैकअप के साथ उपलब्ध है। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना की कार्यवाही को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जाए। कार्य को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापरक ढंग से पूर्ण कराने के लिए जनपद तथा शासन स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि सिविल वर्क भी साथ-साथ कराया जाए।

दो शिफ्टों में यूपी में होगा वैक्सीनेशन, पैरामेडिकल व नर्सिंग विद्यार्थी भी होंगे प्रशिक्षित

उन्होंने कहा कि माह जून, जुलाई व अगस्त में 10 करोड़ प्रदेशवासियों के वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखकर कार्य किया जाए। कुछ जनपदों को चिन्हित कर अभियान चलाकर 100 प्रतिशत वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखकर कार्य किया जाए। आवश्यकता होने पर वैक्सीनेशन का कार्य दो शिफ्ट में भी कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड वैक्सीनेशन कार्य को अभियान के रूप में संचालित करने के लिए व्यापक और प्रभावी तैयारी की जाए। वैक्सीन की सप्लाई चेन को सुदृढ़ और प्रभावी बनाये जाने के साथ ही, उपलब्ध वैक्सीन डोज को यथाशीघ्र लगाने पर फोकस किया जाए। इसके लिए बड़ी संख्या में वैक्सीनेटर्स को प्रशिक्षित कराया जाए। वैक्सीनेटर के रूप में कार्य करने के लिए नर्सिंग के द्वितीय, तृतीय तथा अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों तथा पैरामेडिकल के द्वितीय व तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों का प्रशिक्षण कराया जाए। वैक्सीनेशन कार्य में लगाए जाने वाले कर्मियों को वैक्सीन का वेस्टेज न्यूनतम रखने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि  कोविड वैक्सीनेशन की कार्यवाही व्यवस्थित और सुचारु ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। वैक्सीनेशन सेंटर पर अनावश्यक भीड़-भाड़ न हो, न ही, वैक्सीनेशन के लिए आने वाले लोगों को लाइन न लगानी पड़े। वैक्सीनेशन सेंटर पर वेटिंग एरिया तथा ऑब्जरवेशन एरिया की अवश्य व्यवस्था की जाए। उन लोगों को ही वैक्सीनेशन सेंटर पर बुलाया जाए, जिनका वैक्सीनेशन किया जाना है। वैक्सीनेशन सेंटर पर कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जाए।