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कुंडली विश्लेषण: 17 जून के बाद चुप्पी तोड़ मोदी बोलेंगे और दुनिया सुनेगी

आज ही के दिन एक साल पहले मैंने मोदी जी की कुंडली का विश्लेषण करते हुए कुछ भविष्यवाणी की थी। आज के हालात में मुझे लग रहा है कि…रोज रोज सुबह से शाम तक टीवी पर आ रही कुछ (सड़ जी जैसे) लोगों की बकवास देखकर आप उन्हें गाली देने को विवश हो जाते हैं। परंतु, कुछ लोगों की खामोशी भी बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। कुछ खामोशियां इतना दहाड़ने लगती हैं कि उसका रहस्य जानने के लिए भी तमाम सारे लोग बेचैन हो जाते हैं।

मोदी जी भी पिछले कुछ समय से चुप हैं। पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हो रही हिंसा पर उनकी चुप्पी भी बहुतों को खल रही है। यह चुप्पी कैसे-कैसे राज छुपाए हुए है, आइए उसका विश्लेषण करते हुए थोड़ा सा ग्रहों के माध्यम से समझने की कोशिश करते हैं। दरअसल मोदी जी की कुंडली के अनुसार उनकी महादशा चंद्रमा की, अंतर्दशा शुक्र की और प्रत्यंतर दशा राहु की चल रही है। शुक्र के अंतर में राहु के प्रत्यंतर ने उनको चुप्पी साधने के लिए विवश कर दिया है। छठें घर में बैठा उनका राहु शत्रुओं को ताकत दे रहा है, इसमें कोई संदेह नहीं है… शत्रुओं को बोलने का कुछ मौका इस समय जरूर मिला हुआ है। रोज़ रोज़ मोदी जी को बदनाम करने के लिए कुछ ना कुछ साजिशें रची जा रही हैं, कोई ना कोई बयान दिये जा रहे हैं। परंतु यह राहु की प्रत्यंतर दशा चंद दिनों ही बची है।

17 जून को यह प्रत्यंतर दशा समाप्त हो रही है। उसके बाद आप मोदी की आवाज जरूर सुनेंगे… और उस आवाज की गूंज सिर्फ हिंदुस्तान में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को सुनाई पड़ेगी… भरोसा रखिए, बस थोड़े ही दिन बचे हैं। मैंने पिछले साल भी आज ही के दिन मोदी जी की कुंडली का विश्लेषण करते हुए कुछ महत्वपूर्ण बातें तब के अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की कुंडली के बारे में भी कहीं थीं। यह बात साबित हो चुकी है कि जिसने कोरोनावायरस फैलाया, उसी के फैलाए जाल, उसके ecosystem और ट्विटर जैसे महत्वपूर्ण माध्यमों के जरिए वह ट्रंप को अमेरिका के राष्ट्रपति की कुर्सी से उतारने में भी सफल हो गया। इसके साथ ही पिछले कुछ समय में यह बात भी साबित हो गई है कि ट्रंप ने खुल कर दुनिया को संदेश दिया था कि पूरी मानवता के खिलाफ कोरोनावायरस का जो राक्षस पूरी दुनिया में भेजा गया है उसके पीछे छिपी हुई मंशा और सोची समझी साजिश किसकी है।

वह बातें करीब करीब साबित हो जाने के बाद अब अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति बिडेन ने भी मन बना लिया है कि मानवता के उस असली अपराधी के खिलाफ उन्हें खुली जंग छेड़नी ही पड़ेगी। अपनी खुफिया एजेंसियों को अमेरिकी राष्ट्रपति बहुत साफ आदेश दे चुके हैं कि 3 महीने के भीतर यह बताया जाए की कोरोना जैसे राक्षस को किसने बनाया और किसने पूरी दुनिया में मानवता को नष्ट करने के लिए साजिश रची है। तो भविष्य में बहुत जल्दी ही अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति बिडेन के साथ भी मोदी जी का वही गठबंधन, वही दोस्ती, वही याराना आपको देखने को मिल सकता है जो इनके पूर्ववर्ती ट्रंप के साथ आप देखते आए थे।

नरेंद्र मोदी की कुंडली में १२वें स्थान में जो #महा_पराक्रमी_शत्रुहंता राजयोग बना हुआ है, उस राजयोग की बहुत ही मजबूत दृष्टि उनके शत्रु भाव पर पड़ रही है। बाली की कुंडली में भी ऐसा ही महाबली शत्रु हंता राजयोग बना था जिसके कारण जो भी शत्रु बाली के सामने आकर हमला करता था उसकी आधी ताकत बाली में शिफ्ट हो जाती थी। वही शत्रु हंता राजयोग यहां मोदी जी की कुंडली में साबित करता है कि दुनिया का सबसे ताकतवर व्यक्ति उनके दोस्त के रूप में उनके साथ खड़ा होगा… मानवता के द्रोही उस अपराधी के खिलाफ जो पूरी दुनिया के लिए इस समय राक्षस की भूमिका में है। मोदी जी की कुंडली में जो छठें स्थान में राहु के रूप में विराजमान है।

मोदी की कुंडली में यूं तो अनेक #राजयोग हैं। पर वर्तमान में चंद्रमा का नीचभंग राजयोग उनका बहुत ही प्रचंड रूप से फलीभूत हो रहा है।चंद्रमा नीच का है पर मंगल और शुक्र नीचभंग राजयोग बना रहे हैं। ये दोनों ही ग्रह चंद्रमा से केंद्र में हो कर जबर्दस्त राजयोग बना रहे हैं।

नीचस्थितो जन्मनि यो ग्रहः स्यात यदाशिनाथोअपि तदुच्चनाथ:।

स चंद्रलग्नाद्यदि केंद्रवर्ती राजा भवेद् धार्मिकचक्रवर्ती ।।

जहां तक मोदीजी की कुंडली के #नवांश_चार्ट की बात है तो उस में भी मंगल की भूमिका अत्यंत शक्तिशाली है। मंगल ने पाराशरी नियमों के अनुसार बुध से सप्तम बैठकर वहां भी राजयोग बना दिया है, क्योंकि मंगल नवांश में भाग्येश अर्थात त्रिकोणेश है और बुध केंद्रेश है। साथ ही मंगल पर वहां अति शुभ लग्नेश गुरु की नवम दृष्टि भी है। ऐसे में मंगल काफी ज्यादा मजबूत हो गया है।

इतना ही नहीं, मंगल का नवांश में नीचभंग राजयोग भी बना है। क्योंकि मंगल जहां बैठा है उसका स्वामी चंद्रमा भी केंद्र में है और जहां मंगल उच्च का होता है उसका स्वामी शनि भी केंद्र में है। इससे साबित होता है कि मोदी जी को जैसे साक्षात देवसेना के सेनापति भागवान #कार्तिकेय का वरदान प्राप्त है।

अपनी मंगल की महादशा में मोदीजी NATO जैसी ही, बल्कि उससे भी मजबूत (जिसका गठबंधन शीघ्र ही होगा) वैश्विक सेना के परोक्ष #कमांडर_इन_चीफ की भूमिका निभाने का सामर्थ्य रखते हैं।

पारासरी नियमों के अनुसार मोदीजी की लग्न कुंडली में लग्नेश शुक्र और चतुर्थेश शनि की एकादश भाव में युति एक श्रेष्ठ राजयोग का निर्माण कर रही है। अंशों के अनुसार बारीकी से गौर करें तो इस युति में भाग्येश बुध भी शामिल होकर राजयोग को बहुत उच्च कोटि का बना दे रहा है। यहां तक कि इस राजयोग में केतु खुद भी शामिल हो गया है।

कुजवत केतु के अनुसार इससे ये राजयोग कयी गुना ताकतवर हो गया है।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और कुंडली विशेषज्ञ हैं। संपर्क – 94152110307, 7985627885)