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गृह मंत्रालय ने भेजा नोटिस, ममता के सलाहकार बने आलापन बंधोपाध्याय को 2 साल की सजा संभव

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव आलापन बंधोपाध्याय द्वारा अपने आदेश की अवहेलना और झटका देने से केंद्रीय गृह मंत्रालय खफा हो गया है। केंद्र सरकार को रिपोर्ट करने के बजाए इस्तीफा देकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सलाहकार बनने के बाद पूर्व मुख्य सचिव आलापन बंद्योपाध्याय को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ये नोटिस आपदा प्रबंधन क़ानून के एक ऐसे कड़े प्रावधान के तहत जारी किया गया है जिसमें दो साल जेल तक की सजा हो सकती है।

आलापन बंद्योपाध्याय को लेकर केंद्र सरकार और ममता बनर्जी सरकार के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी। समाचार एजेंसी पीटीआई ने गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से बताया है कि सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा की गई आलापन बंद्योपाध्याय के रिटायरमेंट की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही उन्हें ये नोटिस जारी किया गया है।

केंद्र सरकार ने आलापन बंद्योपाध्याय को ये नोटिस साल 2005 के आपदा प्रबंधन कानून के सेक्शन 51-बी के उल्लंघन के लिए जारी किया है। केंद्र का कहना है कि आलापन बंद्योपाध्याय ने सरकार के वैध दिशा निर्देश पर अमल करने से इनकार कर दिया था।

बंद्योपाध्याय को तीन दिनों के अंदर नोटिस का जवाब देने के लिए कहा गया है। आलापन बंद्योपाध्याय 31 मई को रिटायर होने वाले थे लेकिन उन्हें राज्य सरकार के प्रस्ताव पर तीन महीने का सेवा विस्तार दिया गया। साथ ही इसके कुछ दिनों बाद ही केंद्र में रिपोर्ट करने का भी निर्देश दिया गया था।

परंतु, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आलापन बंधोपाध्याय को रिलीव करने के लिए तैयार नहीं हुईं। उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस आदेश को निरस्त करने की मांग भी उठाई। कोई उपाय न सूझा तो ममता बनर्जी ने सोमवार को उनके रिटायरमेंट की घोषणी की और उन्हें राज्य सरकार का मुख्य सलाहकार घोषित कर दिया। माना जा रहा था कि ममता बनर्जी के मश्विरे के बाद आलापन की ओर से उठाए गए इस कदम से मामले का पटाक्षेप हो जाएगा, लेकिन नोटिस के बाद अब नया विवाद शुरू हो सकता है।

आपदा प्रबंधन कानून के सेक्शन 51-बी में ये प्रावधान है कि जो कोई भी केंद्र सरकार या राज्य सरकार या स्टेट एग्जिक्यूटिव कमिटी या नेशनल एग्जिक्यूटिव कमेटी या जिला प्रशासन का निर्देश मानने से इनकार करेगा, उसे दो साल तक की सज़ा हो सकती है।

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Ranvijay Singh

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