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ट्रांसजेंडर्स को सरकार देगी 1,500 रुपये का गुजारा भत्ता

कोविड-19 से जूझ रहे देश और नागरिकों की मदद के लिए सरकार सुनियोजित तरीके से कई समय-समय पर मदद मुहैया करा रही है। ऐसे में पिछले साल की तरह ही इस बार भी सरकार ट्रांसजेंडरों की मदद के लिए आगे आई है। ट्रांसजेंडरों को कोविड काल में आजीविका चलाने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए 1,500 रुपये का गुजारा भत्ता दिया जाएगा।

ट्रांसजेंडर लोगों के लिए निर्वाह भत्ता

ट्रांसजेंडर कल्याण के लिए नोडल मंत्रालय होने के कारण सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए सभी ट्रांसजेंडर को फौरी राहत के रूप में 1,500 रुपये का निर्वाह भत्ता देने का फैसला किया है। इस वित्तीय सहायता से ट्रांसजेंडर समुदाय को अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। ट्रांसजेंडर लोगों के लिए काम कर रहे एनजीओ और समुदाय आधारित संगठनों (सीबीओ) से इस कदम के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए कहा गया है। बता दें कि मौजूदा समय में ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों ने सरकार से सहायता और समर्थन की मांग की थी।

कैसे करें आवेदन

केंद्रीय सामाजिक कल्याण एवं अधिकारिता मंत्रालय ने इस संबंध में एक गूगल फॉर्म जारी किया है जिसमें ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग आवेदन कर सकते हैं। कोई भी ट्रांसजेंडर या ट्रांसजेंडर की तरफ से सीबीओ प्रपत्र इस लिंक https://forms.gle/H3BcREPCy3nG6TpH7 पर मांगे जाने वाला विवरण भरकर, वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर सकता है। यह प्रपत्र सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत आने वाली एक स्वायत्त संस्था राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संस्थान की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। यह सूचना अधिक से अधिक ट्रांसजेंडर लोगों तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए इस प्रपत्र को एनजीओ और सीबीओ के माध्यम से सोशल मीडिया पर भी प्रसारित किया जा रहा है।

बता दें कि मंत्रालय ने पिछले साल भी ट्रांसजेंडर लोगों को वित्तीय सहायता और राशन किट उपलब्ध कराई थी। इस पर कुल 98.50 लाख रुपये की धनराशि व्यय हुई थी, जिससे देश भर के लगभग 7,000 ट्रांसजेंडर लोगों को लाभ हुआ था।

किसी भी तरह के मनोवैज्ञानिक सलाह के लिए हेल्पलाइन नंबर

मंत्रालय ने एक हेल्पलाइन नि:शुल्क नंबर 8882133897 भी जारी किया है। यह हेल्पलाइन नंबर सोमवार से शनिवार सुबह 11 से 1 और शाम 3 से 5 बजे के बीच उपलब्ध है। इस पर मनोवैज्ञानिक दिक्कतों का सामना करने वाले ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग काउंसलिंग ले सकते हैं। दरअसल, लोग इस समय मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से जूझ रहे हैं, इसलिए आसपास के हालात के चलते लोग किसी से सहायता मांगने में सहज महसूस नहीं करते हैं।

टीकाकरण केंद्रों में ट्रांसजेंडर लोगों के साथ न हो भेदभाव

मंत्रालय इस पर ध्यान दे रहा है कि मौजूदा कोविड टीकाकरण केंद्रों में ट्रांसजेंडर लोगों के साथ कोई भेदभाव न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों के प्रमुख सचिवों को एक पत्र भी लिखा गया है। उनसे ट्रांसजेंडर समुदाय को टीकाकरण प्रक्रिया के बारे में बताने और जागरूकता फैलाने के लिए, स्थानीय भाषाओं में जागरूकता अभियान चलाने और उन तक पहुंच कायम करने का अनुरोध भी किया गया है। इसके साथ ही राज्यों से ट्रांसजेंडर लोगों के टीकाकरण के लिए अलग मोबाइल टीकाकरण केंद्र या बूथ की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया है, जैसे हरियाणा और असम राज्यों में किया गया है।केंद्रों में ट्रांसजेंडर लोगों के साथ कोई भेदभाव न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों के प्रमुख सचिवों को एक पत्र भी लिखा गया है। उनसे ट्रांसजेंडर समुदाय को टीकाकरण प्रक्रिया के बारे में बताने और जागरूकता फैलाने के लिए, स्थानीय भाषाओं में जागरूकता अभियान चलाने और उन तक पहुंच कायम करने का अनुरोध भी किया गया है। इसके साथ ही राज्यों से ट्रांसजेंडर लोगों के टीकाकरण के लिए अलग मोबाइल टीकाकरण केंद्र या बूथ की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया है, जैसे हरियाणा और असम राज्यों में किया गया है।