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मॉडर्ना ने पंजाब को सीधे वैक्सीन देने से किया इनकार, राज्य ने कुछ श्रेणियों का रोक दिया वैक्सीनेशन

कोरोना संक्रमण का मुकाबला करने के लिए COVID-19 वैक्सीन की खरीद करने वाले पंजाब ने कहा कि अमेरिकी वैक्सीन निर्माता मॉडर्ना (MRNA.O) ने अपनी वैक्सीन की आपूर्ति करने से इनकार कर दिया और कहा कि यह केवल केंद्र सरकार को ही आपूर्ति करेगी। अमेरिकी कंपनी ने इसके पीछे राज्यों से निपटने मे होने वाली दिक्कतो का वर्णन किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 मई से सभी वयस्कों के लिए टीकाकरण खोला और राज्यों को संघीय सरकार से प्राप्त स्टॉक के पूरक के लिए अपनी व्यवस्था करने की अनुमति दे दी। लेकिन भारत को टीकों की कमी का सामना कर रहा है, जिसका घरेलू उत्पादन हर महीने लगभग 80 मिलियन खुराक का होता है।

देश के उत्तरी राज्य पंजाब ने कहा कि मॉडर्ना ने एक कंपनी नीति का हवाला देते हुए राज्य सरकार को टीके भेजने से "मना कर दिया", जो इसे केवल मोदी के संघीय प्रशासन से निपटने की अनुमति देता है, न कि राज्य के अधिकारियों या निजी पार्टियों के साथ।

मॉडर्ना ने टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया।

राज्य के बयान में कहा गया है कि वैक्सीन की अनुपलब्धता के कारण 27 मिलियन से अधिक की आबादी वाले पंजाब को कुछ श्रेणियों के पात्र लोगों के लिए टीकाकरण बंद करना पड़ा है, क्योंकि संघीय सरकार से केवल 4.4 मिलियन खुराक प्राप्त हुई है।

बयान में, पंजाब के अधिकारी विकास गर्ग ने कहा कि राज्य सरकार ने फाइजर (पीएफई.एन), जॉनसन एंड जॉनसन (जेएनजे.एन) और स्पुतनिक टीकों के संबंध में भी संपर्क किया था, लेकिन अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कुछ अन्य भारतीय राज्यों ने कहा है कि उनके पास 18 से 44 वर्ष की आयु के लोगों को टीका लगाने के लिए अपर्याप्त आपूर्ति है।

दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश ने 41.6 मिलियन से अधिक लोगों को पूरी तरह से टीका लगाया है, जो कि इसकी 1.35 अरब आबादी का केवल 3.8% है।

समाचार एजेसी रॉयटर्स ने दो सूत्रों के हवाले से आशंका जताई है कि अगस्त-दिसंबर के लिए देश में COVID-19 वैक्सीन का उत्पादन सरकार के आधिकारिक अनुमान से कम होने की संभावना है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह कहा था कि दिसंबर तक देश की पूरी आबादी को टीका लगा दिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसके लिए भारत की दोनों कपनियों के उत्पादन, विदेशों से आयात, रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-वी के आकलन के आधार पर इसका दावा किया है। 

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Ranvijay Singh

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