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कोरोना मामलों में और कमी, अभी भी सतर्कता की जरूरत : स्वास्थ्य मंत्रालय

नई दिल्ली। देश में कोरोना के नए मामलों की संख्या में लगातार कमी देखने को मिल रही है। देश में कोरोना के हालातों पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस विषय की जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता लव अग्रवाल ने कहा कि देश में पिछले 20 दिनों से कोरोना के नए मामलों में लगातार कमी आ रही है। देश में 3 मई को सबसे ज्यादा मामले दर्ज किये गए थे। उसके बाद से कोरोना के नए मामलों में व्युत्क्रमानुपाती रुझान देखने को मिल रहा है। 3 मई को देश में 17.13% सक्रिय मामले थे, अब यह आंकड़ा 11.12% हो गया है। राष्ट्रीय रिकवरी रेट भी 87.76% हो गया है। देश में अबतक इस महामारी से 2 करोड़ 30 लाख से ज्यादा लोग स्वस्थ हो चुके हैं। देश के 22 राज्यों में ठीक होने वाले नागरिकों की संख्या सर्वाधिक है। बीते 24 घंटे में कोरोना के जितने नए मामले आये हैं, उससे 1 लाख अधिक नागरिक इस बीमारी से स्वस्थ हुए हैं।

सिर्फ 7 राज्यों में 10 हजार प्रतिदिन से अधिक केस

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि देश के सिर्फ 7 राज्यों में 10 हजार प्रतिदिन से अधिक केस आ रहें है। देश में बीते चार दिनों से 20 लाख टेस्ट प्रतिदिन किए गए हैं। देश के 8 राज्यों में 1 लाख से अधिक एक्टिव केस आए है। वहीं बीते 14 दिनों में देशभर के कुल 468 जिलों में 100 से अधिक केस प्रतिदिन आये हैं। देश में 6 ऐसे राज्य हैं, जहां कोरोना के 5,000 से अधिक और 10,000 से कम मामलें प्रतिदिन आ रहे हैं। वहीं देश के 93 से अधिक ऐसे जिले हैं, जहां कोरोना के मामले घटते जा रहे हैं.

एम्फोटेरिसिन-बी की उपलब्धता और आपूर्ति दोनों को बढ़ाया जा रहा

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता लव अग्रवाल ने बताया कि एम्फोटेरिसिन बी देश में सीमित मात्रा में उपलब्ध था। अब इसकी उपलब्धता और आपूर्ति दोनों बढ़ाई जा रही है। इसके लिए 5 अतिरिक्त निर्माताओं को लाइसेंस प्रदान करने के लिए फार्मा विभाग, स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ समन्वय कर रहा है।

कोरोना टेस्टिंग में बनाया रिकॉर्ड

बीते 24 घंटे में भारत में रिकॉर्ड 20.66 लाख कोरोना टेस्ट किये गए हैं। भारत में बीते 4 दिनों से लगातार 20 लाख से अधिक टेस्ट किये गये हैं। इसके अलावा वैक्सीन की बर्बादी का ग्राफ भी नीचे आया है। भारत में कोविडशील्ड वैक्सीन के मामले में यह आंकड़ा 8% से घटकर अब 1% हो गया है, जबकि को-वैक्सीन के मामले में यह 17% से घटकर 4% हो गया है।