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एयर इंडिया पर साइबर हमला, 45 लाख मुसाफिरों के क्रेडिट कार्ड, पासपोर्ट, फोन नंबर लीक

दिल्ली। यदि आपने भी भारत की एयर इंडिया के साथ ही सिंगापुर एयरलाइंस, लुफ्थांसा और कैथे पैसेफिक जैसी एयरलाइंस से सफर किया है, तो यह खबर आपको परेशान कर सकती है। दुनिया की बड़ी एयरलाइंस पर बड़ा सायबर हमला हुआ है। इसमें एयर इंडिया के 45 लाख ग्राहकों की महत्वपूर्ण जानकारियां चोरी होने जैसी खबर है। जानकारी सामने आ रही है कि साइबर हमले में क्रेडिट कार्ड, पासपोर्ट और फोन नंबर चोरी हो गए हैं। इसके साथ ही ग्राहकों के नाम, जन्म तिथि, संपर्क जानकारी और टिकट की जानकारी भी लीक हुए है। हैकर्स ने पूरे 10 साल का डेटा उड़ा लिया है। एयरइंडिया ने भी इस हैकिंग की पुष्टि की है।

एयर इंडिया ने एक पत्र के जरिए घोषणा की है कि फरवरी में उसके डेटा प्रोसेसर पर बड़े पैमाने पर साइबर हमले हुए हैं। इसमें क्रेडिट कार्ड, पासपोर्ट और फोन नंबर सहित एयर इंडिया के ग्राहकों का दस साल का डेटा लीक हो गया है। इस घटना में 26 अगस्त 2011 और 3 फरवरी 2021 के बीच पंजीकृत लगभग 45 लाख ग्राहकों के डेटा चोरी हो गए हैं। एयर इंडिया ने घटना के लगभग तीन महीने बाद इस डेटा चोरी का खुलासा किया है।

एयर इंडिया के अलावा ये विदेशी एयरलाइंस भी प्रभावित

अब तक इस सबसे बड़े सायबर हमले में जिनेवा स्थित यात्री प्रणाली ऑपरेटर SITA को टार्गेट करता है। यह कंपनी एयर इंडिया के अलावा सिंगापुर एयरलाइंस, लुफ्थांसा और यूनाइटेड सहित एयरलाइंस के स्टार एलायंस की सेवा करता है।

एयर इंडिया ने ग्राहकों को एक ईमेल में कहा कि “SITA पीएसएस यात्री सेवा प्रणाली (जो यात्रियों की व्यक्तिगत जानकारी के भंडारण और प्रसंस्करण के लिए जिम्मेदार है) के हमारे डेटा प्रोसेसर को हाल ही में साइबर हमले का सामना करना पड़ा है। इस घटना ने लगभग 4,500,000 डेटा को प्रभावित किया था।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एयर इंडिया ने कहा “हमें 25 फरवरी 2021 को अपने डेटा प्रोसेसर से इस संबंध में पहली जानकारी प्राप्त हुई थी। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि प्रभावित डेटा विषयों की पहचान केवल हमारे डेटा प्रोसेसर द्वारा 25 मार्च 2021 और 5 अप्रैल 2021 को प्रदान की गई थी। इस हैकिंग में नाम, जन्म तिथि, संपर्क जानकारी, पासपोर्ट जानकारी, टिकट की जानकारी, स्टार एलायंस और एयर इंडिया के लगातार फ़्लायर डेटा शामिल थे (लेकिन कोई पासवर्ड डेटा प्रभावित नहीं हुआ था)। हालांकि, CVV/CVC नंबर चोरी नहीं हुए हैं।”

एयर इंडिया ने कहा कि उसने घटना की जांच शुरू कर दी है और समझौता किए गए सर्वरों को सुरक्षित करने, डेटा सुरक्षा घटनाओं के बाहरी विशेषज्ञों को शामिल करने, क्रेडिट कार्ड जारीकर्ताओं से संपर्क करने और अपने लगातार फ्लायर कार्यक्रम के पासवर्ड रीसेट करने सहित कदम उठाए हैं।

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