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प्रतिदिन कोरोना के 3 लाख से 3.25 लाख टेस्ट किए जाएं, 24 घंटे में दें रिपोर्ट – सीएम योगी

लखनऊ ः गांव-गांव कोरोना महामारी पहुंचने और बीमारों की संख्या बढ़ने की सूचनाओं के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रतिदिन होने वाली जांच की संख्या बढ़ाकर 3-3.25 लाख तक करने को कहा है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा अपनायी गई रणनीति के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। प्रदेश में इस वैश्विक महामारी का संक्रमण लगातार कम हो रहा है। एक्टिव केसेज की संख्या में निरन्तर कमी आ रही है। 30 अप्रैल, 2021 को प्रदेश में 03 लाख से अधिक कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामले थे। विगत 11 दिन में संक्रमण के एक्टिव मामलों में 01 लाख 04 हजार से अधिक की कमी आयी है।

यूपी में पिछले 24 घण्टों में संक्रमण के 18,125 नए मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि विगत 24 अप्रैल को कोरोना के 38,000 से अधिक नये मामले आये थे। इस प्रकार प्रतिदिन मिलने वाले नए मामलों की संख्या में लगभग 20,000 की कमी आयी है।

मुख्यमंत्री बुधवार को यहां वर्चुअल माध्यम से आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में राज्य में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। कहा कि प्रतिदिन कोरोना के 03 लाख से 3.25 लाख टेस्ट किये जाएं। इनमें से आरटीपीसीआर विधि से 1.5 लाख टेस्ट तथा 1.5 लाख से 1.75 लाख टेस्ट रैपिड एण्टीजन माध्यम से किये जाएं। शेष टेस्ट ट्रूनैट विधि से किये जाएं। आरटीपीसीआर की रिपोर्ट 24 घण्टे में उपलब्ध कराने पर फोकस किया जाए। टेस्टिंग लैब की क्षमता के अनुसार ही सैम्पल उपलब्ध कराया जाए।

गांवों में जांच पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि गांवों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विशेष जांच अभियान को और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने निगरानी समितियों और आर0आर0टी0 के मध्य बेहतर तालमेल पर बल देते हुए कहा कि निगरानी समितियों द्वारा चिन्हित किये गये लक्षणयुक्त अथवा संक्रमण की दृष्टि से संदिग्ध लोगों के एण्टीजन टेस्ट आरआरटी द्वारा तत्काल किये जाएं।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी कमेटी, ब्लैक फंगस का बढ़ेगा उपचार

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाहकार समिति की संस्तुतियों पर कार्यवाही के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी के गठन का निर्देश देते हुए कहा कि अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज तथा प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, समिति के सदस्य होंगे। उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य तथा प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ‘ब्लैक फंगस’ बीमारी के सम्बन्ध में चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाहकार समिति से विचार-विमर्श करके, इस संक्रमण से बचाव व उपचार के लिए अपनायी जाने वाली कार्ययोजना प्रस्तुत करें।

बढ़ेगी वैक्सीनेशन केंद्रों की संख्या

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बड़ी जनसंख्या को देखते हुए वैक्सीनेशन केन्द्रों की संख्या बढ़ाने के सम्बन्ध में कार्य योजना तैयार की जाए। दिव्यांगजन, अशक्त लोगों, ग्रामीण महिलाओं, श्रमिकों के वैक्सीनेशन हेतु कार्य योजना बनायी जाए। इन वर्गाें के वैक्सीनेशन हेतु जन सुविधा केन्द्रों के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराकर प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर टीकाकरण किया जाए। उन्होंने टीकाकरण केन्द्रों पर कोविड प्रोटोकाॅल का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये।

मेडिकल किट, एंबुलेंस, रेमिडिसिवर की उपलब्धता भी आसान हो

मुख्यमंत्री ने कहा कि होम आइसोलेशन के शत-प्रतिशत मरीजों को मेडिकल किट की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाए। प्रत्येक जरूरतमंद को एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित रहे। ‘108’ सेवा की 75 प्रतिशत एम्बुलेंस को कोविड कार्य में संचालित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि निजी एम्बुलेंस संचालकों द्वारा मनमाना किराया न वसूला जाए। रेमडेसिविर सहित सभी जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रहे। उन्होंने सभी जनपदों में इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर की व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ और प्रभावी बनाये रखने के लिए स्वास्थ्य राज्य मंत्री को सभी जनपदों से संवाद बनाकर माॅनिटरिंग के लिए कहा।