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विदेशों से मिले ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर और दवाईयों को राज्यों तक पहुंचा रही केंद्र सरकार

भारत पुरजोर तरीके से वैश्विक महामारी कोविड की दूसरी लहर का सामना कर रहा है। दुनिया के अलग-अलग देश भी कोविड के खिलाफ इस लड़ाई में भारत के साथ आए हैं। विदेशों से बड़ी संख्या में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाईयां भारत भेजे जा रहे हैं। आज भी संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका,नीदरलैंड और इजरायल से स्वास्थ्य उपकरणों की एक बड़ी खेप भारत आई है। केंद्र सरकार इन सभी स्वास्थ्य उपकरणों और दवाईयों को देश के सभी राज्यों में भेजने की समुचित व्यवस्था कर रही है। इसके लिए सड़क और वायुमार्ग का उपयोग किया जा रहा। राज्यों को संसाधन की कमी न हो इसका ध्यान रखते हुए,उनकी जरूरतों के अनुसार केंद्र सरकार ऑक्सीजन सिलेंडर,वेंटिलेटर और दवाईयों को राज्यों में भेज रही है।

राज्यों को भेजे जा रहे ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर और वेंटिलेटर

कोरोना पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए राज्यों को आवश्यक उपकरण जैसे वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर की आपूर्ति की जा रही। आंकड़ों के अनुसार बीते 15 दिन में देश के विभिन्न राज्यों को 9,200 ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर, 5,243 ऑक्सीजन सिलेंडर, 19 ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्र,5,913 वेंटिलेटर की आपूर्ति की गई है। वहीं, राज्यों को रेमेडीसीवीर के 3.44 लाख खुराक भी भेजी गई है। फेबिफ्लू और अन्य जरूरी दवाईयों की आपूर्ति भी की जा रही है। दरअसल, केंद्र सरकार अपनी पूरी क्षमता के साथ विदेशों से आई मदद को राज्यों के बीच वितरित करने का प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में राज्यों से निरंतर संपर्क कर सभी चीजों को व्यवस्थित किया जा रहा है।

नीदरलैंड और अमेरिका से आज आया वेंटिलेटर और फेबिफ्लू

विदेशों से लगातार भारत को मदद मिल रही है। आज कुल 4 देशों इजरायल, नीदरलैंड, अमेरिका और यूएई से बड़ी संख्या में स्वास्थ्य उपकरण और दवाईयां आई हैं। कुल मिलाकर चारों ही देशों से आज 610 वेंटिलेटर,300 ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर और फेविफ्लू दवाई की 12,600 स्ट्रिप आई है। एक स्ट्रिप में 40 टेबलेट होते हैं यानि कि पांच लाख से भी अधिक फेविफ्लू के टेबलेट्स आए हैं। ये सभी संसाधन कोविड के खिलाफ लड़ाई में भारत को मजबूती दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि भारत ने बीते साल दुनिया के अनेक देशों को दवाई और पीपीई किट की आपूर्ति की थी।वैक्सीन मैत्री के तहत स्वदेश निर्मित वैक्सीन भी दुनिया के अधिकांश भागों में पहुंचाए थे। भारत के इसी उदार रवैये के कारण ही आज दुनिया के अधिकांश देश भारत के साथ खड़े हैं और जरूरी मदद मुहैया करा रहे हैं।

स्वास्थ्य संसाधनों की आपूर्ति की निगरानी के लिए बना है प्रकोष्ठ

विदेशों से जो भी स्वास्थ्य उपकरण और दवाईयां आ रहे हैं,राज्यों तक वे सही तरीके से पहुंचे इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक अलग प्रकोष्ठ (cell) बनाया है। यह सेल सुनिश्चित करती है कि राज्यों तक सभी संसाधनों की आपूर्ति सही तरीके से हो। स्वास्थ्य मंत्रालय का यह निगरानी सेल 26 अप्रेल से काम कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसके लिए एक मानक प्रक्रिया निर्धारित की है। 2 मई,2021 से इसी के आधार पर कोविड राहत सामग्री और स्वास्थ्य उपकरणों का आवंटन राज्यों को किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय इस पूरी प्रक्रिया की सतत निगरानी कर रहा है।