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#नर्सदिवस : कोविड महामारी के विरुद्ध लड़ाई की वीरांगनाएं हैं नर्सें

कोविड-19 महामारी के विरुद्ध लड़ाई में हमारे देश के स्वास्थ्यकर्मी सबसे आगे खड़े हैं। डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तरह, नर्स लगातार बिना ब्रेक के मरीजों को उच्च गुणवत्ता की देखभाल प्रदान कर रही हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, ”दुनिया के कुल स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की आधी आबादी नर्स है, फिर भी दुनिया भर में लगभग 6 मिलियन नर्सों की तत्काल कमी है। इनमें विशेष रूप से निम्न और मध्यम आय वाले देशों में नर्सों की अभी भी जरूरत है।”

हर साल 12 मई को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1820 में इसी दिन दुनिया की सबसे प्रसिद्ध नर्स फ्लोरेंस नाइटिंगेल पैदा हुई थीं। वह एक अंग्रेजी नर्स, एक समाज सुधारक और एक सांख्यिकीविद् थीं, जिन्होंने आधुनिक नर्सिंग के प्रमुख स्तंभों की स्थापना की। इस साल के लिए अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस का थीम है: ए वॉयस टू लीड – ए विजन फॉर फ्यूचर हेल्थकेयर।

अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस का इतिहास

‘द लेडी विद द लैंप’ के नाम से जानी जाने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल ‘आधुनिक नर्सिंग’ की संस्थापक थी, जिन्होंने क्रीमियन युद्ध के दौरान घायल हुए ब्रिटिश और संबद्ध सैनिकों के नर्सिंग प्रभारी के रूप में काम किया था। फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने अपना ज्यादातर समय घायलों की देखभाल करने में बिताया। वह नर्सों के लिए औपचारिक प्रशिक्षण स्थापित करने वाली पहली महिला थीं। नाइटिंगेल स्कूल ऑफ नर्सिंग विश्व का पहला नर्सिंग स्कूल था, जिसका उद्घाटन 1860 में लंदन में किया गया था। साथ ही मिडवाइव्स के लिए प्रशिक्षण स्कूल स्थापित करने के पीछे भी फ्लोरेंस नाइटिंगेल का ही हाथ था। वह पहली महिला थीं, जिन्हें 1907 में ऑर्डर ऑफ मेरिट से सम्मानित किया गया था।

पिछले वर्ष मनाई गई थी फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्म की 200वीं वर्षगांठ

ज्ञात हो, पिछले वर्ष फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्म की 200 वीं वर्षगांठ के अवसर पर, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने दुनिया भर में सैकड़ों पार्टनर्स के साथ मिलकर स्वास्थ्य सेवा में नर्सों के महत्व को उजागर करने के लिए उनका धन्यवाद किया था। वर्ष 2020 के लिए इसका थीम “नर्सिंग द वर्ल्ड टू हेल्थ” था। आज भी नर्सें महामारी से लड़ने में सबसे आगे हैं। वे रोगियों को उच्च गुणवत्ता एवं सम्मानजनक उपचार और देखभाल प्रदान करती हैं। वे अक्सर पहले और कभी-कभी एकमात्र स्वास्थ्य पेशेवर होते हैं, जो मरीज को देखते हैं और उनके द्वारा किया गया प्रारंभिक मूल्यांकन देखभाल और उपचार की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण होता है।

सरकार ने इनकी सुरक्षा के लिए उठाए हैं कई कदम

सरकार ने फ्रंटलाइन हेल्थकेयर श्रमिकों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाएं हैं।सरकार ने कोविड-19 से लड़ने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बीमा कवर प्रदान करने के लिए “प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज बीमा योजना” को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं सहित कुल 22.12 लाख सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, जिन्हें कोविड ​​-19 रोगियों के सीधे संपर्क में रहना पड़ता है और इससे प्रभावित होने का जोखिम रहता है, के लिए 90 दिनों के लिए 50 लाख का बीमा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यह बीमा कोविड-19 के संपर्क में आने पर जानमाल के आकस्मिक नुकसान को भी कवर करेगी। इसके साथ ही फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए, किसी भी हिंसा के खिलाफ स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए एक अध्यादेश लाया गया है।

नर्स अस्पतालों और क्लीनिकों की रीढ़ की हड्डी

वर्तमान में चल रहे कोविड महामारी के बीच इस दिन का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। नर्स अस्पतालों और क्लीनिकों की रीढ़ की हड्डी हैं, जो अपनी जान जोखिम में डालकर महीनों से कोविड-19 के लाखों मरीजों की देखभाल कर रही हैं। इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्स (आईसीएन) के अनुसार, 31 दिसंबर 2020 तक कोविड-19 द्वारा 34 देशों में 1.6 मिलियन से अधिक स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हो चुके हैं। हम सभी को नर्सों के द्वारा की जा रही निश्वार्थ सेवा के लिए उनके प्रति कृतज्ञ होना चाहिए और अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस उनके लिए हमारी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करने का एक शानदार अवसर है।