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किराना दुकान सुबह 7 से शाम 7 बजे तक खोलें, थोक वितरक भी करें सप्लाई

लॉकडाउन या कोरोना कर्फ्यू के दौरान स्थानीय पुलिस और प्रशासन की मनमानी रवैया से परेशान एफएमसीजी दुकानदारों ने सोमवार को जिला प्रशासन के सामने पीड़ा कह सुनाई। व्यापारियों के साथ बैठक कर रहे पर जिलाधिकारी एके कनौजिया ने साफ कहा कि एफएमसीजी की दुकानों के लिए सुबह 7:00 से 11:00 बजे का कोई समय निर्धारित नहीं किया गया है। एफएमसीजी से जुड़ी दुकानें सुबह 7:00 से शाम 7:00 बजे तक खुल सकती हैं। इस पर कोई रोक नहीं है। इस फैसले से व्यापारियों ने बड़ी राहत महसूस की है। वजह, पिछले कुछ दिनों से पुलिस व्यापारियों का भयंकर उत्पीड़न कर रही थी। डंडे मार कर दुकानें बंद कराई जा रही थीं। इसे लेकर व्यापारी प्रदेश सरकार के खिलाफ गोलबंदी में जुट गए थे।

अपर जिला अधिकारी एके कनौजिया एवं एसपी क्राइम की अध्यक्षता में जिलाधिकारी कार्यालय पर संगम सभागार में सोमवार को आवश्यक वस्तु से जुड़े व्यापारियों की एक मीटिंग की गई। इसमें थोक एवं खुदरा दुकानों पर हो रही सप्लाई में हो रही दिक्कत को लेकर विस्तार से चर्चा की गई ।

कंफेडरशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने बताया कि कुछ जगहों पर एफएमसीजी के थोक विक्रेताओं को यह कह कर बंद करा दिया जाता है कि यह आवश्यक वस्तु में नहीं आता है। केवल किराना और राशन की दुकानों को खोलने की अनुमति है। साथ ही अधिकतर जगहों पर सुबह 11:00 बजे दुकान को पुलिस द्वारा बंद करा दिया जाता है। इस अपर जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी आवश्यक वस्तु की दुकान को खोलने के लिए 7:00 से 11:00 बजे का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है ।

आवश्यक वस्तु की दुकान है तो सुबह 7:00 से शाम 7:00 बजे तक खोली जा सकती हैं और इस दौरान एफएमसीजी के डिस्ट्रीब्यूटर अपनी गाड़ियों से भी उन दुकानों तक माल पहुंचाएंगे। किसी गाड़ी को रोकने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। यही नहीं, किराना, राशन एवं अन्य आवश्यक वस्तु की गाड़ियों के लिए किसी भी पास की भी कोई व्यवस्था नहीं है। यह गाड़ियां बिना पास के माल पहुंचाने के लिए अधिकृत हैं बशर्ते उनमें कोई गैर आवश्यक वस्तु का परिवहन न किया जा रहा हो।

महेंद्र गोयल ने यह भी प्रश्न उठाया कि कैंटोनमेंट जोन के अंतर्गत स्थित दुकानों पर माल पहुंचाने में समस्या आती है, जिस पर उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट जोन में माल पहुंचाने के लिए सुबह 7:00 से 11:00 का समय निर्धारित है। लेकिन रिटेल दुकानदार दुकान खोलकर माल नहीं बेच सकता। कैंटोनमेंट जोन वाले रिटेलर्स केवल उस क्षेत्र में होम डिलीवरी ही कर सकते हैं।

एक समस्या यह भी थी कि जो वितरक हैं या दुकानदार हैं, उनके स्टाफ को आने-जाने में पुलिस परेशान करेगी तो उसका क्या होगा? एडीएम कनौजिया ने कहा कि सभी वितरक और दुकानदार अपने लेटर पैड पर अपने स्टाफ का नाम लिखते हुए एवं उसके पद का विवरण देते हुए यह घोषणा करें कि वह उनके यहां कार्य करता है और उनके आवश्यक वस्तु का कार्य किया जाता है। इसके बाद उसे कतई पुलिस के द्वारा नहीं रोका जाएगा।

अपर जिलाधिकारी एवं एसपी क्राइम ने व्यापारी प्रतिनिधियों से कहा कि सभी व्यापार मंडल इस बात की व्यवस्था करें कि किसी भी दुकान पर भीड़ न हो। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो और मास्क लगाया जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो पुलिस और प्रशासन कार्रवाई करने में पीछे नहीं हटेंगे।

गोयल ने बताया कि आवश्यक वस्तु की किराना एवं परचून की दुकान प्रातः 7:00 से शाम 7:00 बजे तक खुलेंगे और इस दौरान थोक दुकानदार भी एवं डिस्ट्रीब्यूटर भी उनको माल सप्लाई कर सकते हैं।

अपर जिलाधिकारी ने यह सुझाव दिया यदि थोक विक्रेता इस बात की व्यवस्था करें कि वह ज्यादा से ज्यादा ऑर्डर फोन या व्हाट्सएप पर लें और अपने व्यापारी को एक समय दें कि वह उस समय आए और अपना माल उठाकर ले जाए। साथ ही अगर किसी कारण से एक साथ उसकी दुकान पर कई ग्राहक आ जाते हैं तो वह उनको टोकन देते हुए एक निर्धारित समय दें जिस समय वह दुकानदार आकर अपना माल ले जाए। दुकान पर किसी भी तरह से भीड़ न लगने दें। मीटिंग में कंफेडरशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल, इलाहाबाद के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, महामंत्री अजय अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय गुप्ता, अजय अवस्थी, उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष शिव विशाल गुप्ता, नरेश कुंदरा, जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के कादिर भाई, गल्ला तिलहन व्यापार मंडल से सतीश केसरवानी, लालू मित्तल अरुण केसरवानी, आशीष केसरी, अमित साहू, दिनेश केसरवानी, मोहित अग्रवाल, स्वराज ट्रेडिंग कंपनी के अनुपम अग्रवाल आदि मौजूद रहे।