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17 मई तक बढ़ा कोरोना कर्फ्यू, थोक-फुटकर दुकानें 11 से 01 बजे तक खोलने की मांग

उत्तर प्रदेश सरकार ने 10 मई को खत्म हो रहे कोरोना कर्फ्यू को बढ़ाकर 17 मई कर दिया है। कोरोना कर्फ्यू बढ़ने के साथ ही पुलिस ने भी सख्ती बढ़ा दी है। अब जगह-जगह रोक-टोक और दुकानों के खुलने पर कार्रवाई भी चल रही है। इसके कारण फुटकर दुकानदार बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। कंफेडरशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल के द्वारा ट्वीट करके प्रतिदिन 11:00 से 1:00 तक आवश्यक वस्तुओं के थोक व्यापार को खोलने की अनुमति देने को कहा गया है।

बता दें कि 1 मई के बाद दो चरणों में पूरे सप्ताह लगभग 10 दिन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लॉकडाउन लगाया गया था। इसका प्रभाव यह हुआ कि आवश्यक वस्तु के वितरकों के द्वारा माल के परिवहन की अनुमति न होने से आपूर्ति बंद होने एवं थोक बाजार के न खुलने से एफएमसीजी (FMCG) उत्पादों की खुदरा दुकानों पर कमी होने लगी है।

मक्खन, पाउडर के दूध, प्रोटीन प्रोडक्ट, नहाने के साबुन, शैंपू बिस्किट, नमकीन, छोटे बच्चों का दूध पाउडर, ब्रांडेड मसाले आदि धीरे-धीरे समाप्त हो रहे हैं। माल की अनुउपलब्धता के कारण कुछ दुकानदार इसका फायदा भी उठा रहे हैं।

अभी सरकार के द्वारा बीज और कीटनाशक दुकानदारों को प्रातः 9:00 से 11:00 बजे तक दुकान खोलने की अनुमति दी गई है लेकिन जब व्यापारी दुकान से बीज और कीटनाशक खरीद के गाड़ी से ले जाता है तो पुलिस वाले उसे रोकते परेशान करते हैं कि आवश्यक आवश्यक वस्तु के परिवहन की अनुमति है अन्य कि नहीं। यह भी देखा गया है कि बालू, सीमेंट, टाइल जैसे उत्पादों का खुलेआम परिवहन हो रहा है। पुलिस और प्रशासन के ऐसे विरोधाभासी निर्णय के कारण ही पुलिस सड़क पर व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही है।

ट्वीट के माध्यम से यह भी मांग रखी गई कि गैर आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को भी सप्ताह में कम से कम 2 दिन अन्य समय पर खोलने की अनुमति दी जाए।

कोरोना महामारी के इस दौर में व्यापारियों को अपनी जान भी बचानी है। लोगों तक सामान भी उपलब्ध कराना है। सरकार को चाहिए कि सड़क पर उत्पीड़न न हो। इसलिए एक निश्चित दिशा निर्देश पूरे प्रदेश में जारी किए जाएं।