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यूपी में निकल गया कोरोना संक्रमण का पीक? घटे 55 हजार एक्टिव केस

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पर्याप्त संख्या में टेस्ट के बावजूद पिछले एक सप्ताह में प्रदेश में कोरोना के एक्टिव मामलों में 55 हजार से अधिक की कमी आशाजनक संकेत है।

मुख्यमंत्री आज यहां वर्चुअल माध्यम से आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में राज्य स्तरीय कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि 30 अप्रैल, 2021 को प्रदेश में कोरोना के कुल 03 लाख 10 हजार 783 एक्टिव मामले थे। वर्तमान में कुल एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 02 लाख 54 हजार 118 है। इस प्रकार एक सप्ताह में एक्टिव मामलों में 55,000 से अधिक की कमी आयी है। राज्य में निरन्तर प्रतिदिन दो से ढाई लाख करोना जांचे की जा रही हैं। विगत 24 अप्रैल को लगभग 38,000 पाॅजिटिव मामले आये थे। तब से पाॅजिटिव मामलों में भी लगातार कमी आ रही है। विगत 24 घण्टे में कोरोना संक्रमण के 28,076 नए मामले मिले हैं।

उन्होंने इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेन्टर (आईसीसीसी) को व्यवस्थित, सुचारु एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी जनपदों में आई0सी0सी0सी0 में कम से कम 10 टेलीफोन नम्बर क्रियाशील किये जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य राज्य मंत्री को प्रत्येक आई0सी0सी0सी0 के नोडल अधिकारी एवं वहां तैनात स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी से सूची एवं फोन नम्बर प्राप्त कर माॅनिटरिंग करने के लिए कहा।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री से बेड की संख्या में वृद्धि एवं मैन पावर की उपलब्धता की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि सभी जनपदों में कोविड बेड की संख्या में वृद्धि के लिए लगातार प्रयास जारी रखी जाएं। साथ ही, मानव संसाधन भी पर्याप्त संख्या में सुलभ कराए जाएं। उन्होंने सभी जनपदों में स्थापित एल-1, एल-2 एवं एल-3 कोविड अस्पतालों में स्थापित बेड की संख्या की समीक्षा करने के निर्देश दिए।

गांवों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए संचालित विशेष जांच अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जिलाधिकारी अपने जनपद में आर0आर0टी0 की संख्या को बढ़ाकर तीन से चार गुना करने का प्रयास करें। निगरानी समितियां मेडिकल किट प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के नाम एवं टेलीफोन नम्बर युक्त सूची भी तैयार करें। उन्होंने कहा कि आर0आर0टी0 द्वारा गाँव-गाँव पहुंचकर लक्षणयुक्त एवं संक्रमण की दृष्टि से संदिग्ध लोगों की एण्टीजन जांच की जाए तथा उनके स्वास्थ्य की स्थिति के अनुरूप उन्हें अस्पताल, क्वारंटीन सेन्टर अथवा होम आइसोलेशन में रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल किट निगरानी समितियों द्वारा वितरित की जा रही है। जनपद गौतमबुद्धनगर में शहरी इलाकों में मेडिकल किट वितरण में डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था का उपयोग किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संज्ञान में आ रहा है कि कतिपय निजी एम्बुलेंस संचालकों तथा निजी अस्पतालों द्वारा पीड़ितों को सेवा उपलब्ध कराने के लिए असंगत रूप से अत्यधिक धनराशि ली जा रही है। उन्होंने इसकी रोकथाम के लिए निजी एम्बुलेंस सेवा की किराया दर निर्धारित किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में उपचार की दर भी निर्धारित की जाए। प्रत्येक जनपद में रेमडेसिविर सहित अन्य जीवन रक्षक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। रेमडेसिविर इन्जेक्शन डाॅक्टर की मौजूदगी में ही दिया जाए। इस सम्बन्ध में एक सूची भी तैयार की जाए, जिस पर डाॅक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ दोनों द्वारा हस्ताक्षर किये जाएं।

मुख्यमंत्री ने 18 से 44 आयु वर्ग के वैक्सीनेशन हेतु वैक्सीन की निरन्तर उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विगत 01 मई से इस आयु वर्ग के लिए 07 जनपदों में संचालित वैक्सीनशन कार्यक्रम के अलावा, आगामी सोमवार से 11 अन्य जनपदों में भी यह टीकाकरण कार्यक्रम प्रारम्भ होगा। इस प्रकार प्रदेश के कुल 18 जनपदों में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों का वैक्सीनेशन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वयं उनके द्वारा किसी जनपद में वैक्सीनेशन का शुभारम्भ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कोरोना कफ्र्यू की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि सब्जी मंडियों को खुले स्थान पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए संचालित कराया जाए। मण्डी स्थल पर पुलिस कर्मी उपस्थित रहकर लोगों को संक्रमण के प्रति जागरूक करें।

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