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भारत को कोरोना महामारी से लड़ाई में विदेशों से अब तक मिली ये राहत सामग्री

वैश्विक महामारी के खिलाफ दुनिया के कई देश भारत की मदद के लिए आगे आए हैं। सहयोगात्मक और सामुहिक लड़ाई में भारत सरकार को 27 अप्रैल, 2021 से विभिन्न देशों / संगठनों की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दान और सहायता के रूप में कोविड–19 से संबंधित राहत चिकित्सा सामग्रियां और उपकरण प्राप्त हो रहे हैं।

केंद्र सरकार की तरफ से बताया गया है कि अब तक 2933 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर, 2429 ऑक्सीजन सिलेंडर, 13 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, 2951 वेंटिलेटर / बाई पैप / सी पैप, 3 लाख से अधिक रेमडेसिविर की खुराकें वितरित की जा चुकी हैं।

6 मई, 2021 को प्राप्त प्रमुख सामग्रियों में शामिल हैं:

न्यूजीलैंड
ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर के 12 इकाइयों में से प्रत्येक के 6 बक्से (72)

यूनाइटेड किंगडम
20 बक्सों में बंद सिलेंडर 46.6 लीटर (375)

जर्मनी
1 चलंत (मोबाइल) ऑक्सीजन संयंत्र –पहली खेप

नीदरलैंड
वेंटिलेटर: (450)
ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर : (100)

6 मई, 2021 तक प्राप्त सभी सामग्रियों को आवंटन के साथ राज्यों / संस्थानों को तुरंत भेज दिया गया है। एयरपोर्ट और पोर्ट में विदेशों से प्राप्त होने वाली राहत सामग्री फंसे नहीं, इसके लिए सीमा शुल्क विभाग 24 घंटे कार्य कर रहा है।

सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली के चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर एस वी आर्य वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलिंडर और ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर सहित विदेशों से प्राप्त कोविड-19 से संबंधित उपकरणों के बारे में बताते हैं और इन उपकरणों को कोविड के रोगियों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

एम्स, नागपुर के प्रोफेसर अमोल दुबे नेसमय पर ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर की मदद पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दानकर्ताओं को धन्यवाद दिया, जिसकी वजह से कई जरूरतमंद रोगियों की बहुत जरूरी चिकित्सीय देखरेख हो सकी है।

भारत सरकार ने भारत द्वारा प्राप्त सहायता सामग्रियों के कारगर एवं शीघ्र आवंटन और वितरण के लिए एक व्यवस्थित तंत्र तैयार किया है। विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय कर बिना किसी देरी के सामानों की निकासी और उसके वितरण की सुविधा प्रदान की जा रही है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा नियमित रूप से इसकी व्यापक निगरानी की जा रही है। यह तृतीयक देखभाल के संस्थानों और 31 राज्यों /केन्द्र – शासित प्रदेशों के चिकित्सा की अवसंरचना का पूरक बनने में मदद करेगा और अस्पताल में भर्ती हुए कोविड – 19 के रोगियों के त्वरित और कारगर नैदानिक ​​प्रबंधन के लिए उनकी नैदानिक ​​प्रबंधन क्षमताओं को मजबूत करेगा।

कोविड से जुड़ी विदेशी राहत सामग्रियों की प्राप्ति और उनके आवंटन में समन्वय के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय में एक समर्पित समन्वय प्रकोष्ठ बनाया गया है। इस प्रकोष्ठ ने 26 अप्रैल 2021 से काम करना शुरू कर दिया है। 2 मई, 2021 से स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा एक मानक संचालन प्रक्रिया को तैयार कर और उसे कार्यान्वित किया गया है।

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