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फुटकर दुकानों पर सामग्रियों की किल्लत, थोक दुकानें भी खोली जाएं- कैट

कोरोना महामारी से आम आदमी ही नहीं, व्यापारी भी कराह रहे हैं। व्यापारियों ने मांग उठाई है कि बाजार को रोस्टर के अनुसार खोला जाए। साथ ही थोक कारोबार को भी अनुमति मिलनी चाहिए। वजह, फुटकर दुकानों पर जरूरी सामग्रियों की किल्लत होने लगी है।

कैट के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को व्यापारियों से जुड़ी समस्याओं के लिए मांग पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने कहा है कि पिछले 13 माह में कोविड महामारी काल में 2 बार व्यापारियों ने लॉकडाउन को देखा है। पिछले एवं इस लॉकडाउन में व्यापारियों ने सरकार की बात को मानते हुए अपने व्यापार को पूर्णतया बंद किया और सरकार का साथ दे रहा है। बहुत जगह पर व्यापारी अपनी सुरक्षा को छोड़ दूसरों की मदद भी कर रहा है। पिछले लॉकडाउन में और इस बार भी अपने कर्मचारियों को तनख्वाह, बैंक ऋण पर ब्याज, दुकान बंद होने के बाद भी बिजली का बिल, विभिन्न तरह के टैक्स आदि भर रहा है जिसका परिणाम यह है कि आज उत्तर प्रदेश राज्य का GST राजस्व 90 हज़ार करोड़ से अधिक है।

प्रदेश के पंजीकृत/अपंजीकृत लगभग 1 करोड़ व्यापारी इस महामारी के दूसरे दौर में राहत और बराबरी का मौका देने की मांग की है।

ऑन लाइन ई कामर्स कंपनियों (अमेज़ॉन/फ्लिपकार्ट) द्वारा गैर आवश्यक वस्तु, यथा इलेक्ट्रॉनिक, मोबाइल, इलेक्ट्रिक आदि की आपूर्ति की जा रही है जबकि हमारे व्यापारी की दुकान प्रदेश सरकार दवारा किये गए लॉक डाउन के कारण बंद है। अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाये।

विगत 1 मई के उपरान्त दो चरणों में लॉक डाउन बढ़ाया गया। इस कारण खुदरा दुकानों पर आवश्यक वस्तु की कमी होने लगी है। इसलिए प्रदेश में निर्धारित समय पर लॉकडाउन में थोक व्यापार को करने की अनुमति प्रदान की जाए। निर्धारित समय पर किसी पास को ना जारी किया जाय और ना ही अनावश्यक रोका जाए।

प्रदेश के व्यपारियों पर नगर निगम के 6 माह के टैक्स को माफ़ किया जाए। प्रदेश के व्यापारियों से सभी तरह के टैक्स और लेवी को 31 जुलाई तक स्थगित किया जाय।

शारीरिक दुरी का पालन करते हुए बाजारों को रोस्टर के अनुसार खोला जाए।

उत्तर प्रदेश में GST के अंतर्गत पंजीकृत व्यापारियों के लिए लागू 10 लाख के दुर्घटना बीमा में COVID महामारी से होने वाली मृत्यु को भी शामिल किया जाए। कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की उत्तर प्रदेश इकाई द्वारा पिछले लॉकडाउन से प्रदेश सरकार के कई मंत्री को ज़ूम मीटिंग पर और पत्र द्वारा इस माँग को कहा गया है। किसी भी व्यापारी के यहाँ पूरा व्यापार एक व्यक्ति पर निर्भर होता है और उसकी मृत्यु हो जाने पर पुरे परिवार के समक्ष जीवन यापन की समस्या आ जाती है। इसलिए यदि कोविड को भी इसमें जोड़ लिया जाता है तो अनहोनी होने पर सरकार की ओर से वित्तीय सहायता मिलने पर परिवार को राहत होगी।

पिछले एवं इस लॉकडाउन के कारण लगातार दो वैवाहिक सीजन में होटल, बैंक्वेट, विवाह घर आदि का कारोबार पूर्णतया बंद रहा। सो, सभी गेस्ट हाउस एवं होटल, बैंक्वेट पर सभी प्रदेश सरकार के टैक्स को पुरे वर्ष के लिए माफ़ किया जाए। विगत 13 माह से कोविड की मार झेल रहे प्रदेश के व्यापार को उपरोक्त राहत देकर संजीवनी प्रदान करेंगे।