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‘कसाई के कोसे बछिया नहीं मरा करती’

‘कसाई के कोसे बछिया नहीं मरा करती’

प्रमोद शुक्ल

और भी ऐसी तमाम कहावतें हैं। मोदी को पिछले 20 सालों से लोग लगातार कोसे जा रहे हैं, बद्दुआ दे रहे हैं, श्राप दे रहे हैं। आइए देखते हैं उनकी कुंडली को.. कि इन बद्दुआओं का, ऐसे श्रापों का क्या उनके ऊपर कोई असर पड़ता भी है..?? और यदि असर पड़ता है तो वह किस तरह से फलित होते हैं ??
ज्योतिष की जानकारी रखने वाले जानकार लोग नरेेंद्र मोदी की इस कुंडली को देखकर आसानी से समझ सकते हैं कि तुला लग्न और वृश्चिक राशि वाली मोदी जी की कुंडली में छठें घर में गुरु की मीन राशि पर बैठा हुआ राहु यदि शत्रु भाव में बैठकर शत्रुता ठाने हुए है तो निश्चित जानिये कि सिर्फ श्राप ही नहीं दिया जा रहा है, सिर्फ बद्दुआ ही नहीं दी जा रही हैं बल्कि अन्य तमाम तरह के तंत्र-मंत्र, अनुष्ठान, पूजा-पाठ भी मोदी के विनाश के लिए लगातार किए कराये जाते रहे हैं।

इस समय तो उनकी चंद्रमा की महादशा चल रही है। वह चंद्रमा जो नीच का होकर सेकंड हाउस में मंगल के साथ बैठा है। छठें घर यानी कि शत्रु स्थान में बैठा हुआ यह राहु चंद्रमा और मंगल का कट्टर शत्रु है और चंद्रमा व मंगल पर अपनी नौंवी कुदृष्टि पूरी मजबूती से डाल रहा है।

जाहिर है कि मोदी के खिलाफ तंत्र मंत्र के प्रयोग भी बहुत ज्यादा हो रहे हैं। सार्वजनिक रूप से उन्हें जो बद्दुआ दी जा रही है, श्राप दिए जा रहे हैं,, वह तो आप देख ही रहे हैं। गोपनीय रूप से भी उनके खिलाफ लगातार तंत्र मंत्र के प्रयोग हो रहे हैं, होते रहे हैं। यह राहु अपनी पांचवीं दृष्टि दसवें स्थान पर भी डाल रहा है जो कि चंद्रमा की ही कर्क राशि है। कर्क राशि और चंद्रमा दोनों पर यदि राहु की भरपूर कुदृष्टि हो तो 100% पक्की मान्यता है कि ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध तांत्रिक प्रयोग बहुत ही उच्च स्तर पर होंगे। खासतौर से इस समय तो चंद्रमा की ही महादशा भी चल ही रही है, तब तो जाहिर है कि ऐसे प्रयोग पूरी ताकत से किए जाएंगे। परंतु, इसका असर क्या होता है, वह भी तो जान लीजिए।

चंद्रमा मोदी की कुंडली में दसवें स्थान का स्वामी है। दसवां स्थान अर्थात सत्ता। तो मोदी जी की सत्ता से समस्या तो बहुतों को है। 1-2 नहीं, लाख दो लाख नहीं बल्कि करोड़ों लोगों को समस्या है मोदी जी की सत्ता से…। इसीलिए उनके खिलाफ पूरी ताकत से तंत्र मंत्र भी किए जाते रहे हैं, किए जा रहे हैं। अब आप यह भी जान लीजिए की दसवें स्थान का स्वामी नीच का होकर दूसरे स्थान में बैठा है, परंतु मंगल भी उसके साथ में है और मंगल खुद भी दसवें से 10वें स्थान अर्थात सातवें स्थान का स्वामी है,, इस नाते चंद्रमा और मंगल की युति प्रचंड #नीचभंगराजयोग बना रही है।

राहु कर्क राशि और उसके स्वामी चंद्रमा को देखकर जितनी ही ताकत से प्रहार करता है, चंद्रमा जितना ही कमजोर होता है, उसका मित्र मंगल उसकी दोगुनी ताकत से नीचभंग राजयोग बनाता चला जाता है। अर्थात इस चंद्रमा को जितना ही कमजोर किया जाएगा, मोदी जी की सत्ता उतनी ही मजबूत होती चली जाएगी।

यह बात मैं बार-बार लिखता रहा हूं कि यह एक ऐसा #शत्रुहंताराजयोग है जोकि सुग्रीव के मोटा भाई बाली की कुंडली में पाया जाता था। यह नीच भंग राजयोग बहुत ही प्रबल है। इसलिए निश्चिंत रहिए… किसी भी तंत्र मंत्र का, किसी भी श्राप का इस जातक पर कोई असर पड़ने वाला नहीं है,, इस राजयोग को मजबूती दे रहा है नवमेश बुध के साथ बैठा हुआ सूर्य…. सूर्य और बुध मित्र होकर #बुधादित्यराजयोग बनाते हुए अपनी प्रचंड दृष्टि से राहु को देख रहे हैं।

भाग्येश के साथ सूर्य जब बुधादित्य राजयोग बनाते हुए जातक के शत्रु स्थान में बैठे शत्रु को देखता है तो इस राजयोग में वह मारक शक्ति प्रदान करता है जिसकी प्रचंड मारक क्षमता #नारायण_अस्त्र जैसी हो जाती है। इसे आप यह लिंक खोलकर ही जान सकते है।

इसी के कारण बिनाश निरंतर राहु का ही हो रहा है। मोदी की सत्ता हर हमले के बाद और ज्यादा मजबूती के साथ निखरती चली जा रही है। पहले उसने गुजरात में अपना तहलका मचाया। फिर, मोदी दिल्ली आए तो देश भर में उनकी सत्ता का तहलका मचा…। और अब धीरे-धीरे पूरी दुनिया में उनकी सत्ता के डंके बज रहे हैं।
देखते जाइए… होईहैं वही जो राम रचि राखा….।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं ज्योतिषाचार्य हैं।)

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