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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जलेगी स्वर्णिम विजय मशाल

प्रयागराज: इलाहाबाद विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक विजयनगरम हॉल में स्वर्णिम विजय मशाल जलाई जाएगी। 22 नवंबर को शाम 5:30 बजे इसके लिए व्यापक तैयारी की जा रही है।

ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में 1971 के भारत-पाक युद्ध की 50वीं वर्षगांठ पर ‘स्वर्णिम विजय मशाल’ को प्रजवल्लित किया था । दिसंबर 1971 में, भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तानी सेना पर निर्णायक और ऐतिहासिक विजय हासिल की थी, जिसके परिणामस्वरूप एक नए राष्ट्र – बांग्लादेश का निर्माण हुआ था तथा दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा सैन्य आत्मसमर्पण किया गया था ।

1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध के 50 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री द्वारा जलाई गई मशाल कल शाम 5:30 बजे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विजयनगरम हॉल में पहुंचेगी। कुलपति प्रो संगीता श्रीवास्तव इस मशाल यात्रा का विश्वविद्यालय में स्वागत करेंगी । यह मशाल भारतीय सेना के द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में लाया जाएगा।

सहायक जन संपर्क अधिकारी डॉ चित्तरंजन कुमार ने कहा कि इस सिलसिले में कुलपति प्रो संगीता श्रीवास्तव ने आज 11 बजे विश्वविद्यालय के नॉर्थ हॉल में सारे विभागाध्यक्ष और संकाय अध्यक्षों की एक आपात बैठक भी बुलाई । इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफ़ेसर संगीता श्रीवास्तव ने कहा कि 1971 का युद्ध हर भारतीय के लिए गर्व करने वाली घटना है । यह भारतीय सेना के सर्वोच्च पराक्रम को दर्शाने वाला ऐतिहासिक क्षण है। कुलपति ने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रज्जवलित की गई मशाल को भारतीय सेना इलाहाबाद विश्वविद्यालय में लेकर आ रही है । समस्त विश्वविद्यालय परिवार द्वारा इस मशाल का स्वागत किया जाएगा ।

कुलपति ने कल प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा का भी जायजा लिया । यह कार्यक्रम कल शाम 5:30 बजे आरंभ होगा । खास बात यह है कि इस विजय मशाल के साथ भारतीय सेना की बैंड द्वारा धुन भी बजाई जाएगी । कार्यक्रम में कुलपति प्रो संगीता श्रीवास्तव के संबोधन के पश्चात संगीत विभाग द्वारा देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी । इस अवसर पर विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षको के अलावा एनएसएस और एनसीसी के सैकड़ों छात्र भी उपस्थित रहेंगे ।

डाॅ चितरंजन ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रज्जवलित की गई स्वर्णिम विजय मशाल का इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आना काफी उल्लेखनीय है। 1971 का युद्ध हर भारतीय के लिए गर्व करने वाला क्षण है। कुलपति प्रो संगीता श्रीवास्तव के नेतृत्व में समस्त कार्यक्रम गरिमापूर्ण तरीके से सम्पन्न होगा।

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