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अनुभवहीनता में बीएसए ने ओढ़ ली मुसीबत, BEO की बड़ी टीम आरोपी BEO का कैसे खोलेगी कच्चा चिट्ठा?

प्रयागराज: सैदाबाद विकास खंड के कंपोजिट विद्यालय मलेथुआ की शिक्षिका और छेड़छाड़ के आरोपी बीईओ बलिराम के खिलाफ जांच के लिए बीएसए ने भले ही पांच सदस्यीय भारी भरकम जांच समिति घोषित कर दिया है लेकिन जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल अब भी हैं। उधर, शिक्षिका की शिकायत पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने एडीजीपी प्रयागराज को निर्देशित किया है सीओ स्तर से जांच कराकर 12 दिसंबर तक रिपोर्ट सौंपें। साथ ही शिक्षिका को न्याय दिलाएं।

ताजा प्रकरण सैदाबाद विकास खण्ड के कम्पोजिट विद्यालय मलेथुआ का है। शिक्षिका द्वारा की गई छेड़छाड़ की शिकायत की जांच के लिए विद्यालय नहीं गए। इसकी जगह हंडिया की बीईओ ममता सरकार को जांच सौंपकर इकतरफा तरीके से शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया। बात बिगड़ी तो विद्यालय के सभी स्टाफ को कार्यालय

जांच हेतु बीएसए नहीं गए जिससे मामला और बिगड़ गया तथा उक्त विद्यालय पर जांच हेतु पहुंचे खण्ड शिक्षा अधिकारी बलिराम पर शिक्षिका ने छेड़खानी का आरोप लगाते हुए उनकी चप्पलों से पिटाई कर दी। तत्पश्चात शिक्षिका को बीएसए द्वारा बिना उसका पक्ष सुने ही एकतरफा निलंबित कर दिया।

प्रकरण में तेजी दिखाते हुए बीएसए ने छुट्टी के दिन रविवार को उक्त शिक्षिका तथा विद्यालय के समस्त स्टाफ को अपने कार्यालय में बुलाकर सुनवाई की, लेकिन बात बनने की जगह बिगड़ गी। चाहा पर शिक्षिका ने बीएसए पर बीईओ को बचाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। बताते हैं कि इससे बीएसए आगबबूला हो गए। शिक्षिका को बर्खास्त करने की धमकी देते हुए पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी।

सवाल यह उठता है कि बीएसए द्वारा गठित कमेटी में जो खण्ड शिक्षा अधिकारी हैं, क्या वे सभी अपने ही साथी आरोपी खण्ड शिक्षा अधिकारी बलिराम द्वारा कथित छेड़खानी किये जाने की निष्पक्ष रूप से जांच कर पाएंगे? नियमानुसार एबीएसए के खिलाफ खुद बीएसए को जांच करनी चाहिए थी।

शिक्षिका के पति ने बीएसए प्रवीण तिवारी के पद पर बने रहने तक प्रकरण के निष्पक्ष जांच पर सवालिया निशान उठाया है। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि बीएसए प्रयागराज प्रवीण कुमार तिवारी का तत्काल स्थानांतरण कर प्रयागराज जैसे संवेदनशील जनपद में किसी अनुभवी बीएसए की तैनाती की जाए।

इस बीच शिक्षिका ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के निदेशक को भी प्रकरण की निष्पक्ष जांच हेतु पत्र लिखा, जिस पर आयोग ने अपर पुलिस महानिदेशक प्रयागराज जोन को प्रकरण में समुचित कार्यवाही करते हुए आयोग को 12 दिसम्बर तक अवगत कराने हेतु निर्देशित किया है।

ज्ञात हो कि बीते अक्टूबर माह में कौंधियारा विकास खण्ड के शिक्षक कमल सिंह पटेल को बीएसए ने कतिपय गम्भीर आरोपों में निलंबित किया था। पर॔तु एक सांसद की फटकार के बाद अगले ही दिन उक्त शिक्षक का निलम्बन बीएसए द्वारा आनन-फानन में स्थगित कर दिया गया तथा तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

यही नहीं, बीएसए प्रयागराज पर आरोप है कि खण्ड शिक्षा अधिकारी ज्योति शुक्ला को गैर जनपद स्थानांतरण के बाद अभी तक बिना किसी आदेश के कार्यमुक्त नहीं किया गया, जिससे शासनादेश का खुला उल्लंघन व वित्तीय अनियमितता का मामला बनता है। फिलहाल, बीएसए खुद ही चौतरफा घिरते जा रहे हैं।

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