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पीएम ने यूपी में 9 मेडिकल कॉलेजों का किया लोकार्पण, 2500 नए बेड और 5 हजार को रोजगार

प्रधानमंत्री ने ‘एक जनपद, एक मेडिकल कॉलेज’ का विजन दिया, उनकी अनुकम्पा से प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। इनमें से 07 में 2019 से एमबीबीएस की कक्षाएं प्रारम्भ, 09 मेडिकल कॉलेजों आज प्रारम्भ होने जा रहे, 14 नये मेडिकल कॉलेजों का वर्तमान में निर्माण कार्य प्रारम्भ हो रहा है।

लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को जनपद सिद्धार्थनगर में 2,329 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्रदेश के 09 मेडिकल कॉलेजों-सिद्धार्थनगर, एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, देवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर, फतेहपुर तथा जौनपुर का लोकार्पण किया। उन्होंने नवनिर्मित 09 मेडिकल कॉलेजों के मॉडल को देखा तथा छाया चित्र प्रदर्शनी बुद्ध का जीवनदृश्य एवं उत्खनित पुरास्थल कपिलवस्तु-एक झलक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी को भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट की।

प्रधानमंत्री ने अपने सम्बोधन की शुरुआत भोजपुरी से करते हुए कहा कि सिद्धार्थनगर की पावन धरती पर महात्मा बुद्ध ने अपना प्रारम्भिक जीवन व्यतीत किया। कहा कि आज का दिन पूर्वांचल सहित पूरे उत्तर प्रदेश के लिए आरोग्य की डबल डोज लेकर आया है। प्रदेश के 09 मेडिकल कॉलेज के शुरू होने से पूर्वांचल से ही पूरे देश के लिए मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर की एक बहुत बड़ी योजना शुरू होने जा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश की सरकारें अनेक कर्मयोगियों की दशकों की तपस्या का फल हैं। सिद्धार्थनगर ने स्व0 माधव प्रसाद त्रिपाठी के रूप में देश को एक ऐसा समर्पित जनप्रतिनिधि दिया, जिनका अथाह परिश्रम आज राष्ट्र के काम आ रहा है। सिद्धार्थनगर के नये मेडिकल कॉलेज का नाम उनके नाम पर रखा जाना उनके सेवाभाव के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

इनके नाम से खुले मेडिकल कॉलेज

आज जिन 9 जनपदों में मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण किया गया है, उनमें सिद्धार्थनगर में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज, देवरिया में महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, गाज़ीपुर में महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज, मिर्जापुर में मां विंध्य-वासिनी मेडिकल कॉलेज, प्रतापगढ़ में डॉक्टर सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज, एटा में वीरांगना अवंती बाई लोधी मेडिकल कॉलेज, फतेहपुर में अमर शहीद जोधा सिंह अटैया ठाकुर दरियांव सिंह मेडिकल कॉलेज, जौनपुर में उमानाथ सिंह मेडिकल कॉलेज और हरदोई का मेडिकल कॉलेज।

इन नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण से लगभग ढाई हज़ार नए बेड्स तैयार हुए हैं। 05 हज़ार से अधिक डॉक्टर और पैरामेडिकल के लिए रोज़गार के नए अवसर बने हैं। इसके साथ ही प्रत्येक वर्ष सैकड़ों युवाओं के लिए मेडिकल की पढ़ाई का नया रास्ता खुला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल अब पूर्वी भारत का मेडिकल हब बनेगा। यह धरती अब देश को बीमारियों से बचाने वाले अनेक डॉक्टर देने वाली है। पूर्वांचल, उत्तर प्रदेश, पूर्वी भारत को सेहत का नया उजाला देने वाला है।

मेडिकल की 60 हजार नई सीटें जोड़ीं

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2017 तक सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल की सिर्फ 1900 सीटें थीं। डबल इंजन की सरकार में पिछले चार साल में ही 1900 सीटों से ज्यादा मेडिकल सीटों की बढ़ोतरी की गयी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में 16 मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुके हैं और 30 नए मेडिकल कॉलेजों पर तेजी से काम चल रहा है। रायबरेली और गोरखपुर में बन रहे एम्स तो प्रदेश के लिए एक प्रकार से बोनस हैं। 2014 से पहले देश में मेडिकल की सीटें 90 हज़ार से भी कम थीं। बीते 7 वर्षों में देश में मेडिकल की 60 हज़ार नई सीटें जोड़ी गई हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 90 लाख मरीजों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज मिला है। इस योजना की वजह से इन गरीबों के लगभग एक हजार करोड़ रुपए इलाज में खर्च होने से बचे हैं। आज हज़ारों जन औषधि केंद्रों से बहुत सस्ती दवाएं मिल रही हैं। कैंसर का इलाज, डायलिसिस और हार्ट की सर्जरी तक बहुत सस्ती हुई है, शौचालय जैसी सुविधाओं से अनेक बीमारियों में कमी आई है। यही नहीं, देशभर में बेहतर अस्पताल कैसे बनें और उन अस्पतालों में बेहतर डॉक्टर और दूसरे मेडिकल स्टाफ कैसे उपलब्ध हों, इसके लिए बहुत बड़े और लंबे विजन के साथ काम किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के तेजी से सुदृढ़ीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि 04 दिन पूर्व देश ने 100 करोड़ वैक्सीन डोज का बड़ा लक्ष्य हासिल किया। इसमें उत्तर प्रदेश का बहुत बड़ा योगदान है। कोविड की जांच के लिए आज राज्य में 60 से ज्यादा लैब्स उपलब्ध हैं। 500 से अधिक नए ऑक्सीजन प्लांट्स पर भी तेजी से काम चल रहा है।
इसके पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री जी का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रधानमंत्री ने देश का नेतृत्व कर, पूरी दुनिया के सामने अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को न केवल कोरोना महामारी से बचाया बल्कि भारत के लोगों के जीवन और जीविका की रक्षा कर, दुनिया के सामने एक आदर्श रखा।

आजादी के पहले थे 3-4 मेडिकल कॉलेज

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 से पहले उत्तर प्रदेश में 03 या 04 मेडिकल कॉलेज थे। तब उत्तराखण्ड भी उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। वर्ष 1947 से वर्ष 2016 तक उत्तर प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में केवल 12 मेडिकल कॉलेज बन पाये थे। आजादी के बाद भी उत्तर प्रदेश की उपेक्षा हुई। आजादी के बाद पहली बार इस पीड़ा को प्रधानमंत्री जी ने अपने संवेदनशील और विजनरी नेतृत्व के माध्यम से न केवल समझा, बल्कि उसके समाधान के लिए योजनाएं बनाकर उन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया।

दिमागी बुखार से होने वाली मौतें 95 फीसदी रुकीं

सीएम ने कहा कि 07 में 2019 से एमबीबीएस की कक्षाएं प्रारम्भ हो चुकी हैं। 09 मेडिकल कॉलेज आज प्रारम्भ होने जा रहे हैं। 14 नये मेडिकल कॉलेजों का वर्तमान में निर्माण कार्य प्रारम्भ हो रहा है। 30 मेडिकल कॉलेजों का कार्य भारत सरकार के सहयोग और कुछ जनपदों में राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसेफेलाइटिस से मासूम बच्चों की सर्वाधिक मृत्यु होती थी। इस बीमारी से प्रभावित जनपदों में सिद्धार्थनगर भी था। वर्ष 2014 में लागू स्वच्छ भारत मिशन, सबसे अधिक प्रभावित जनपदों में पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 के साथ-साथ इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेण्टर की स्थापना से आज इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण करने में सफलता प्राप्त हुई। हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ा, हर घर को शौचालय देने की कार्यवाही आगे बढ़ी और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति होती गयी। इससे दिमागी बुखार से होने वाली मृत्यु को 95 फीसदी नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त हुई।

इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, प्रदेश के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 सतीश चन्द्र द्विवेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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