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यूपीः लोक निर्माण मुख्यालय में बना ‘विश्वेश्वरैया द्वार’, सिंचाई विभाग में प्रतिमा अनावरण

लखनऊः अभियंता दिवस पर भारत रत्न इंजीनियर विश्वश्वरैया जोरदार तरीके से याद किए गए। उप्र के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लोक निर्माण विभाग में रू0 01 करोड़ 08 लाख 96 हजार की लागत से उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम द्वारा बनाये गये भव्य और आकर्षक विश्वेश्वरैया द्वार का उद्घाटन किया। सिंचाई भवन में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया।

अभियन्ता दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विश्वेश्वरैया के जीवन दर्शन, उनके सुकृत्यों व तकनीकी ज्ञान पर प्रकाश डालते हुये अभियन्ताओं को जहां उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। साथ ही अगले अभियंता दिवस से विभागीय अभियंताओं को पुरस्कार देने का भी ऐलान किया। विश्वेश्वरैया जयन्ती का शुभारम्भ केशव प्रसाद मौर्य ने दीप प्रज्वलित कर व विश्वेश्वरैया जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।

विश्वेश्वरैया सभागार में भारत रत्न मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैया की जयन्ती पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होने कहा कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बहुत ही सराहनीय कार्य करके लोक निर्माण विभाग में नये आयाम स्थापित किये हैं। उन्होने कहा कि अभियन्तागण कुछ नया करने के लिये हमेशा प्रयत्नशील रहें। उनके स्तर से हरसम्भव सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।

श्री मौर्य ने कहा कि 15 सितंबर से गड्ढामुक्ति अभियान शुरू हो रहा है, इसको पूरी शक्ति और ईमानदारी के साथ चलाया जाय। गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जायेगा। उन्होने कहा कि गड्ढ़ामुक्ति अभियान की लगातार समीक्षा की जाय। अनुश्रवण किया जाय तथा निरीक्षण किया जाय और नियोजित तरीके से क्रासचेकिंग व औचक निरीक्षण भी किया जाय।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान सरकार में सड़कों का महाजाल बिछाया गया है। 520 नये पुल बनाये गये हैं। सड़कों के क्षेत्र में प्रदेश में बहुत बड़ा परिवर्तन आया है, जिसकी सराहना आम जनमानस में हो रही है। उन्होने कहा कि ग्रामीण सड़कों को भी हम लखनऊ की सड़कों की तरह बना देंगे। ग्रामीण मार्गों को 5 मीटर चौड़ा किया जायेगा। इसके आलावा अन्य सड़कों को भी उच्चीकृत करके गांवों के विकास को गति दी जायेगी। उन्होने अभियन्ताओं का आह्वान किया कि सड़कों और भवनों को बनाने के साथ-साथ कुछ विशिष्ट, विशेष व श्रेष्ठ कार्य निर्माण के क्षेत्र में करके नयी पीढ़ी व नये अभियन्ताओं के लिये आर्दश प्रस्तुत करें।

उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की कि लोक निर्माण विभाग में विश्वेश्वरैया कि भव्य मूर्ति स्थापित करायी जायेगी, जिसका लोकार्पण अगले अभियन्ता दिवस पर किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होने लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रकाशित तकनीकी पत्रिका ‘‘प्रज्ञता’’ का ई-विमोचन भी किया।

उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के निर्माण के माध्यम से टॉप-20 छात्रों के उत्साहवर्धन व अन्य छात्रों को प्रेरित करने के उद्देश्य से डॉ0 एपीजे कलाम गौरव पथ बनाये गये हैं। खिलाड़ियों में खेलों के प्रति प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करने के उद्देश्य से मेजर ध्यानचन्द्र विजय पथ बनाये जा रहे हैं तथा शहीदों के सम्मान में उनके गांव और घर तक जय हिन्द वीर पथ योजना के तहत मार्ग बनाये जा रहे हैं। इस तरह के कार्य करके लोक निर्माण विभाग ने अनूठी मिसाल कायम की है। पर्यावरण संवर्धन व संरक्षण के दृष्टिकोण से हर्बल मार्ग व हर्बल वाटिकाएं बनायी गयीं हैं, जो आगे चलकर मील का पत्थर साबित होंगी।

श्री मौर्य ने कहा कि विश्वेश्वरैया को आधुनिक मैसूर का निर्माता भी कहा जाता है। उनके द्वारा तकनीकी, प्रौद्योगिकी, शैक्षणिक, आर्थिक एवं सामाजिक क्षेत्र में बहुत ही उत्कष्ट, उल्लेखनीय तथा ऐतिहासिक कार्य किये गये हैं। बीजापुर में जल आपुर्ति, उड़ीसा में बाढ़ नियंत्रण, मैसूर में भूमिगत जल निकासी के कार्य और मोकामा रेलवे ब्रिज की परिकल्पना एवं निर्माण जैसे कार्य देश के लिये हमेशा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।

समारोह को विभागाध्यक्ष लोक निर्माण विभाग राकेश सक्सेना ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन मुख्य अभियन्ता जेके बांगा ने किया तथा राजकीय निर्माण निगम के प्रबन्ध निदेशक एसपी सिंघल ने सभी अतिथियों व अभ्यागतों के प्रति आभार प्रकट किया।

उधर, जलशक्ति मंत्री डॉ0 महेन्द्र सिंह ने अभियंता दिवस के अवसर पर सिंचाई भवन के परिसर में स्थापित भारत रत्न, सर इं0 मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैया की आदमकद प्रतिमा का अनावरण करते हुए राष्ट्र के प्रति उनके द्वारा किये गये योगदान का स्मरण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश के निर्माण में विश्वेश्वरैया का महान योगदान है, इसलिए उनकी सेवाओं का सम्मान करते हुए भारत सरकार ने उन्हें भारत रत्न और ब्रिटिश इण्डिया सरकार के दौरान नाइट हुड की उपाधि से सम्मानित किया गया।