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अमेठी से लखनऊ तक दूसरी लाइन भी तैयार, अब बिना फंसे दौड़ेंगी ट्रेनें

लखनऊ। प्रतापगढ़ अमेठी होते हुए लखनऊ की ओर जाने वाली ट्रेनें अब बिना हंसे अमेठी से लखनऊ तक दोनों लाइनों पर सरपट दौड़ेगी। गंगागंज- रायबरेली और रूपामऊ के बीच चल रहा दोहरीकरण और विद्युतीकरण का कार्य भी पूरा हो चुका है। जल्द ही इस सेक्शन पर भी ट्रेनों का आवागमन शुरू होने जा रहा है।

14 सितंबर को हिन्दी दिवस पर लखनऊ मंडल ने उपलब्धि अर्जित की। मंडल के रूपामऊ-रायबरेली-गंगागंज रेलखंड पर नवनिर्मित लगभग 16.9 किमी. रेलपथ के दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण के संपन्न हुए कार्य का मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त एसके पाठक निरीक्षण किया गया। उनकी हरी झंडी मिलते ही अमेठी से लखनऊ तक दोनों ट्रैक खुल जाएंगे। इसका फायदा वाराणसी, जंघई, प्रतापगढ़, अमेठी, रायबरेली रूट के मुसाफिरों को तो मिलेगा ही, प्रयागराज, कुंडा और ऊंचाहार के रास्ते चलने वाली ट्रेनों को भी मिलेगा।

गौरतलब है कि उतरेटिया से रायबरेली के मध्य दोहरीकरण कार्य को 2011-12 एवं रायबरेली से अमेठी के मध्य दोहरीकरण कार्य को 2013-14 में आरवीएनएल द्वारा कराये जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी थी।इसके तहत उतरेटिया-रायबरेली-अमेठी सेक्शन पर कुल 125.7 किमी. के रेलपथ का दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण होना था।

इस कार्य के तहत उतरेटिया-गंगागंज के मध्य 57.82 किमी. तथा जायस-अमेठी के मध्य 31.42 किमी. एवं जायस-रूपामऊ रेलखंड पर 19.72 सहित कुल 108.96 किमी. रेलपथ के दोहरीकरण/विद्युतीकरण का कार्य सम्पूर्ण होने के उपरांत परिचालन हेतु स्वीकृत है। इन खंडों पर ट्रेनें पहले से कल रही हैं।

लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम जगतोष शुक्ला ने बताया कि मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा रूपामऊ-रायबरेली-गंगागंज रेलखंड पर इस नवनिर्मित लगभग 16.9 रेलपथ के दोहरीकरण/विद्युतीकरण के कार्य का निरीक्षण कर परिचालन हेतु स्वीकृति प्रदान करने के उपरान्त रेलपथ के दोहरीकृत एवं विद्युतीकृत रेल मार्ग पर ट्रेन संचालन शुरू हो सकेगा। इसके उपरांत उतरेटिया-रायबरेली-अमेठी सेक्शन पर कुल125.7 किमी. का रेलपथ दोहरीकृत एवं विद्युतीकृत रेल मार्ग हो जाएगा।

अमेठी-प्रतापगढ़-जंघई के मध्य शेष 88 किमी.रेलपथ के दोहरीकरण तथा विद्युतीकरण का कार्य प्रगति पर है। इस कार्य के उपरांत यह रेल खंड पूर्णतः दोहरीकरण/विद्युतीकरण हो जायेगा।

इसके अतिरिक्त इस दोहरीकरण के दौरान रायबरेली स्टेशन की यार्ड री-मॉडलिंग भी की गयी जिसके अंतर्गत रायबरेली जंक्शन स्टेशन पर पूर्ण लंबाई के नए प्लेटफॉर्म संख्या 2/3 पर यात्रियों का आवागमन शुरू हो जाएगा। नए प्लेटफॉर्म पर आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं का विशेष प्रावधान किया गया है।

181 रूट वाले रायबरेली जंक्शन स्टेशन पर दो रिले हटों के साथ डिस्ट्रिब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का प्रावधान किया जा रहा है। यार्ड रिमॉडलिंग के साथ यार्ड की सभी लाइनों का विद्युतीकरण भी किया जा रहा है। रायबरेली रेलवे यार्ड की रिमॉडलिंग के अंतर्गत, पुराने दोनों छोटे पैदल पार पुलों, संकरे प्लेटफार्म नंबर 2 व 3 इत्यादि को तोड़कर, आधुनिक आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया गया है।

इस योजना के तहत, रायबरेली स्टेशन पर कवर शेड के साथ, बीस फुट चौड़े, दो नए एफओबी, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पांच यात्री प्लेटफार्म, लखनऊ और अमेठी की तरफ से दोहरीकरण के साथ यार्ड में अप एवं डाउन थ्रू लाइनों का प्रावधान और रूपामऊ गुड्स साइडिंग का जीर्णोद्धार किया गया है। रायबरेली जंक्शन स्टेशन पर बीस फुट चौड़े, नए पैदल पार पुल को सभी उच्च तल प्लेटफार्मों से जोड़ा गया है।

निरीक्षण के दौरान मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा संरक्षा के सम्पूर्ण मानकों , संसाधनों, उपकरणों, रेलपथ सहित अन्य समस्त आवश्यक प्रक्रियाओं का मोटर ट्राली द्वारा गंगागंज से रायबरेली एवं रायबरेली से रूपामऊ के मध्य निरीक्षण किया। गंगागंज स्टेशन व यार्ड का जायजा लिया। साथ ही रायबरेली स्टेशन एवं यार्ड का निरीक्षण भी किया। इसके अतिरिक्त मुख्य संरक्षा आयुक्त ने रूपामऊ से गंगागंज के मध्य अप लाइन पर तथा गंगागंज से रूपामऊ डाउन लाइन पर स्पीड ट्रायल रन का परीक्षण भी किया गया। उनके द्वारा यात्री हितों के सम्बंध में अनेक सुझाव एवं निर्देश भी दिए गए।

मंडल रेल प्रबंधक, लखनऊ ने बताया कि यह नवीन विद्युत् रेल मार्ग यात्रियों के आवागमन हेतु और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। साथ ही साथ ही इस विद्युतीकरण के द्वारा कम परिचालन लागत पर अधिकतम उर्जा की प्राप्ति होगी,उच्च गुणवत्ता के साथ अधिक शक्ति प्राप्त होगी एवं डीज़ल इंजन में प्रयोग किया जाने वाला ईंधन भी बचेगा तथा पर्यावरण के भी अनुकूल होगा।