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जीवन रक्षक बन रेलवे ने राज्यों में अब तक पहुंचाई 125 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन

जीवन रक्षक बन रेलवे ने राज्यों में अब तक पहुंचाई 125 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन

इस कोरोना संकट के खिलाफ संघर्ष में जीवन रक्षक बनकर उतरी भारतीय रेलवे ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। रेलवे ने देशभर के विभिन्न राज्यों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाकर हर जगह ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की अपनी कोशिश जारी रखी है। अब तक, भारतीय रेलवे ने देश भर के विभिन्न राज्यों में 76 टैंकरों में लगभग 1125 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का वितरण किया है। 20 ऑक्सीजन एक्सप्रेस पहले ही अपनी यात्रा पूरी कर चुकी हैं। साथ ही 7 लोडेड ऑक्सीजन एक्सप्रेस 27 टैंकरों में लगभग 422 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) का वितरण करने वाले हैं। भारतीय रेलवे अनुरोध करने वाले राज्यों को कम से कम समय में अधिक से अधिक एलएमओ पहुंचाने के लिए तत्पर है।

अभी और भी कई ऑक्सीजन एक्सप्रेस पहुंचनी बाकी

120 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन के साथ दिल्ली के लिए जाने वाली तीसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस दुर्गापुर से चल चुकी है। यह अपने रास्ते पर है और उम्मीद है कि यह कल यानि 4 मई तक दिल्ली पहुंच जाएगी। तेलंगाना के लिए दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस तेलंगाना को 60.23 मीट्रिक टन एलएमओ उपलब्ध कराएगी। हरियाणा को अपनी चौथी और पांचवीं ऑक्सीजन एक्सप्रेस मिलेगी, जो हरियाणा के लिए अंगुल (उड़ीसा) और राउरकेला (उड़ीसा) से लगभग 72 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन उपलब्ध कराएगी। एक और ऑक्सीजन एक्सप्रेस 85 टन एलएमओ के साथ हापा (गुजरात) से चल चुकी है और अपने रास्ते पर है। यह जल्द ही डिलीवरी के लिए गुड़गांव (एनसीआर क्षेत्र) पहुंचेगी।

7 ऑक्सीजन एक्सप्रेस 422.08 मीट्रिक टन एलएमओ के साथ रवाना

मध्य प्रदेश (चौथी), उत्तर प्रदेश (दसवीं), तेलंगाना, हरियाणा और दिल्ली के लिए और 7 ऑक्सीजन एक्सप्रेस 422.08 मीट्रिक टन एलएमओ के साथ रवाना हो चुके हैं। अब तक,भारतीय रेलवे ने महाराष्ट्र (174 एमटी), उत्तर प्रदेश (430.51 एमटी), मध्य प्रदेश (156.96 एमटी), दिल्ली (190 एमटी), हरियाणा (109.71 एमटी), महाराष्ट्र (174 एमटी) और तेलंगाना (63.6 एमटी)  तक 1125 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन पहुंचाई है।

पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस 19 अप्रैल को महाराष्ट्र से हुई थी रवाना

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते किसी भी राज्य में ऑक्सीजन की कमी न हो, इसके लिए भारतीय रेलवे द्वारा लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन और ऑक्सीजन सिलेंडरों को लाने ले जाने के लिए “ऑक्सीजन एक्सप्रेस” नामक ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया था। इन ट्रेनों को निर्बाध गति से चलाने के लिए देश में ग्रीन कॉरिडोर भी बनाए गए। ज्ञात हो, पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस 19 अप्रैल को महाराष्ट्र से  विशाखापत्तनम, जमशेदपुर, राउरकेला, बोकारो से ऑक्सीजन उठाने के लिए निकली थी।

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